कविंद्र कियावत ने जारी किए निर्देश
कविंद्र कियावत ने जारी किए निर्देश|Social Media
मध्य प्रदेश

बारिश में ना बने बाढ़ जैसे हालात, कविंद्र कियावत ने जारी किए निर्देश

प्रदेश में आगामी मानसून को लेकर संभागायुक्त कविन्द्र कियावत ने शहर में जलभराव की स्थिति नहीं बने इसके लिये नगर निगम अमले को तुरंत कार्य करने के दिए निर्देश।

राज एक्सप्रेस

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राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश में कोरोना का संकट जहां थमने का नाम नहीं ले रहा है वहीं बढ़ते तापमान और आगामी मौसम को लेकर प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को सख्त करने की योजना बनाई जा रही है, जिसके मद्देनजर ही मध्यप्रदेश के भोपाल संभागायुक्त कविन्द्र कियावत ने निर्देश देते हुए कहा कि बारिश के समय शहर में जलभराव की स्थिति नहीं बने इसके लिये नगर निगम का अमला तुरन्त मैदानी कार्य शुरू करें। जिला प्रशासन नालों के प्राकृतिक बहाव को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों की अनुमति दें।

इस सम्बन्ध में, भोपाल संभागायुक्त कियावत ने शहर में नगर निगम द्वारा कराये जा रहे नाला सफाई कार्यो के निरीक्षण के दौरान, निर्देश दिये। उन्होंने आज सुबह शहर के चार इमली, पंचशील नगर, हर्षवर्धन नगर, नया बसेरा नेहरू नगर, शालीमार, हबीबगंज अंडरब्रिज आदि क्षेत्रों में नगर निगम के नाला सफाई कार्यों का जायजा लिया। नगर निगम आयुक्त विजय दत्ता भी उनके साथ थे।

इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नालों में जमा कचरा शीघ्र निकाला जाए। पोकलेन मशीनों का उपयोग कर नालों को गहरा करें और पुरानी जमी गाद निकाले। उन्होंने कहा कि शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां प्राथमिकता से सफाई करायें। इसके साथ ही पूरे शहर में रोड और सार्वजनिक स्थलों पर बिखरे कचरे, प्लास्टिक बॉटल, कपड़े आदि को तुरंत उठवाये क्योंकि यही पहली बारिश के पानी में बहकर नालों में आयेंगे और उसे जाम करेंगे। क्षेत्र वार दल बनाएं और आज से ही इस कार्य में जुट जाएं।

साथ ही उन्होंने आगे कहा कि लॉकडाउन के दौरान आमजन अपने घरों में है। औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियां कम संचालित हो रही है। नए कचरे का तो निस्तारण कर रहे हैं, इस समय का भरपूर उपयोग करके पुराने जमे हुए कचरे को हटाए। नालों के आसपास जमा हुआ मलबा, कचरे का ढेर, स्क्रैप वस्तुएं आदि को हटाए ताकि ये बारिश के समय नाले में आकर नहीं मिले। सफाई कार्य में लगे सभी मैदानी अधिकारी अपने साथ उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी रखें। इससे स्थानीय समस्याओं को समझने और निराकरण करने में मदद मिलेगी।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। सिर्फ शीर्षक में बदलाव किया गया है। अतः इस आर्टिकल अथवा समाचार में प्रकाशित हुए तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

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