MP में कॉन्वेजीनियस ने डेटा-ड्रिवन लर्निंग के लिए असेसमेंट बॉट्स किए लॉन्च
भोपाल, मध्यप्रदेश: भारत के कॉन्वेजीनियस ने मध्यप्रदेश में राज्य शिक्षा केंद्र के साथ साझेदारी में अपनाए आई-बेस्ड असेसमेंट मॉडल लॉन्च किया है।
MP में कॉन्वेजीनियस ने डेटा-ड्रिवन लर्निंग
के लिए असेसमेंट बॉट्स किए लॉन्च
कॉन्वेजीनियस ने डेटा-ड्रिवन लर्निंग के लिए असेसमेंट बॉट्स किए लॉन्चSyed Dabeer Hussain-RE

भोपाल, मध्यप्रदेश। भारत के प्रमुख एड टेक सोशल एंटरप्राइज कॉन्वेजीनियस ने मध्यप्रदेश में राज्य शिक्षा केंद्र के साथ साझेदारी में अपनाए आई-बेस्ड असेसमेंट मॉडल लॉन्च किया है।राज्य के होम लर्निंग प्रोग्राम, जिसे 'हमारा घर, हमारा विद्यालय' के नाम से भी जाना जाता है, के लिए पूरे पाठ्यक्रम को उनके असेसमेंट बॉट्स के माध्यम से एक्सेस किया जा रहा है जो मध्यप्रदेश के 52 जिलों में पहले से ही संचालित हो रहा है और पिछले एक महीने में 15 लाख से अधिक छात्रों तक पहुंच चुका है।

भले ही दुनिया टेक्नोलॉजी और लाइव क्लासेस की ओर बढ़ रही है, भारत के एक बड़े वर्ग तक स्मार्टफ़ोन की पहुंच नहीं है। हाई क्वालिटी इंटरनेट की बात तो छोड़ ही दें। यहां तक कि परिवार में सिंगल स्मार्टफोन वाले भी हाई-स्पीड इंटरनेट का खर्च नहीं उठा सकते, जिससे अधिकांश छात्रों को डिजिटल डिवाइड का नुकसान उठाना पड़ रहा है। एडटेक एंटरप्राइज सरकारी और कम शुल्क वाले निजी स्कूलों के छात्रों के लिए होम लर्निंग मॉडल के रूप में लाइव लेसंस की जगह वॉट्सऐप का उपयोग करता है।

ऐसे संदर्भ में वॉट्सऐप लर्निंग के प्रसार का सबसे विश्वसनीय और आगे बढ़ने योग्य माध्यम बन गया है। चूंकि, वॉट्सऐप बेसिक इंटरनेट प्लान (2 जी / 3 जी) के साथ काम करता है, इसलिए यह कम सर्विस वाली कम्युनिटी और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए एक प्रशंसनीय समाधान है। इस मामले में छात्रों की स्वीकार्यता और इस्तेमाल करने की दर बहुत अधिक है क्योंकि अधिकांश छात्र और अभिभावक पहले से ही एक ऐप्लिकेशन के रूप में वॉट्सऐप से परिचित हैं।

मध्यप्रदेश में समाधान के तौर पर पेश करने के लिए कॉन्वेजीनियस ने एक वॉट्सऐप नंबर का इस्तेमाल करते हुए कई छात्रों के लर्निंग डेटा को संग्रहित करने में सक्षम होने के लिए अपने टेक स्टैक को विकसित किया है। बदले में, समाधान की पहुंच क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है क्योंकि एक परिवार के बच्चे अब एक ही स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हुए पढ़ाई, असेस और ट्रैक कर सकेंगे । वॉट्सऐप लेसन के जरिए पढ़ाई को बिना किसी टकराव के और आसान बनाने के दृष्टिकोण ने इसे छात्रों के लिए आकर्षक बना दिया है। कॉन्वेजीनियस द्वारा विकसित चैट-बॉट अपनी पसंदीदा भाषा में छात्रों से बातचीत करता है, जिससे बच्चों के लिए सीखना आसान हो जाता है।

यह सॉल्यूशन साप्ताहिक मूल्यांकन के माध्यम से छात्रों का प्रारंभिक डेटा इकट्ठा करता है और फिर उनकी विशिष्ट कमजोरियों के आधार पर बच्चे को पर्सनल लर्निंग कंटेंट प्रदान करता है ताकि उनके लर्निंग गैप्स को दूर किया जा सके। कंपनी का अनुमान है कि इस सुविधा का राज्य के पढ़ाने के तौर-तरीके प्रथाओं और रीमेडियल लर्निंग के दृष्टिकोण पर काफी प्रभाव पड़ेगा। भारत के विभिन्न राज्यों में वॉट्सएप सॉल्यूशन को अपनाया जा रहा है और वीकली मॉड्यूल की पूर्णता दर लगातार 97% के आसपास बढ़ गई है, जो बताता है कि कॉन्वेजीनियस का उद्देश्य मध्यप्रदेश में भी बनाए रखना है।

इस भागीदारी पर टिप्पणी करते हुए, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में पार्टनर और प्रोजेक्ट साथ-ई के हिस्से के रूप में ढाई साल से काम कर रही गरिमा बत्रा ने कहा, “राज्य स्तर पर इस सुविधा की शुरुआत के दो हफ्ते के अंदर 11 लाख से अधिक छात्रों ने इस पर वीकली असेसमेंट देना शुरू कर दिया है। इसके आधार पर हमारे पास मूल्यवान लर्निंग आउट कम डेटा है कि बच्चे की स्थिति क्या है। उन्हें सीखने की सभी सामग्री 'हमारा घर, हमारा विद्यालय' के माध्यम से प्रदान की गई है। इंटरफ़ेस बहुत सहज और आकर्षक है। बच्चों को ऐसा लगता है कि वे अपने शिक्षकों से बात कर रहे हैं। छात्र के लर्निंग आउट कम्स को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने के लिए प्रोडक्ट की क्षमता बहुत मजबूत है, और हम कॉन्वेजीनियस के साथ हमारी को लेबोरेटिव वर्किंग पार्टनरशिप के बारे में बहुत खुश हैं। "

राज्य शिक्षा केंद्र के असेसमेंट सेल के प्रमुख श्री के.पी.एस. तोमर ने इस प्रेरक पहल पर कहा, कॉन्वेजीनियस डैशबोर्ड द्वारा राज्य को विद्यार्थियों के सीखने की रिपोर्ट मिल रही है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से वास्तविक काल में सभी जिलों के विद्यार्थियों की सहभागिता और साप्ताहिक सामग्री में उनकी गुणवत्ता की जानकारी मिल जाती है। हमारे शिक्षक भी इसका लाभ उठा सकते हैं, और विद्यार्थियों को सही स्तर पर शिक्षण दे सकते हैं।

कॉन्वेजीनियस के सह-संस्थापक और प्रेसिडेंट शशांक पांडेय ने कहा, कॉन्वेजीनियस अपना लर्निंग सॉल्यूशन मध्यप्रदेश लेकर जा रहा है और यह कॉन्वेजीनियस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह राज्य के शिक्षा शास्त्र को मजबूती देगा और सीखने में बेहतर परिणाम प्राप्त करेगा। इस सहयोग के माध्यम से कॉन्वेजीनियस वंचित तबके के 100 मिलियन छात्रों तक पहुंचने के लिए #EdTechforNayaBharat के रूप में अपनी भूमिका स्थापित करने में एक और कदम बढ़ाता है। ”

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