भोपाल: जिले में कोरोना संक्रमण की समीक्षा बैठक सम्पन्न
भोपाल: जिले में कोरोना संक्रमण की समीक्षा बैठक सम्पन्न|Social Media
मध्य प्रदेश

भोपाल: जिले में कोरोना संक्रमण की समीक्षा बैठक सम्पन्न

भोपाल, मध्यप्रदेश: जिले के सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिकों में स्वास्थ्य उपचार के लिए आने वाले मरीजों का डाटा प्रतिदिन एकत्रित किया जाए।

Shahid Kamil

भोपाल, मध्यप्रदेश। जिले के सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिकों में स्वास्थ्य उपचार के लिए आने वाले मरीजों का डाटा प्रतिदिन एकत्रित किया जाए। इसके साथ ही कोविड पॉजिटिव आने के पूर्व क्या दवाई दी, कब से एडमिट रहे। इसका विवरण भी लिया जाए। यह निर्देश प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य श्री फ़ैज़ अहमद किदवई ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में संपन्न हुई, कोरोना संबंधी समीक्षा बैठक में दिये। बैठक में कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया, एडीएम श्री सतीश कुमार, श्री आशीष वशिष्ठ जिला पंचायत सीईओ श्री विकास मिश्रा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

श्री किदवई ने कहा कि निजी अस्पतालों से कितनी सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज़ों को फीवर क्लीनिक में रिफर किया गया है, इसका भी डाटा निकाला जाए साथ ही उन अस्पतालों का डाटा भी एकत्रित किया जाए जहाँ से डाटा नहीं आ रहा है। बैठक में प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि गैस पीड़ित व्यक्तियों की अलग से स्क्रीनिंग हो, 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति हाई रिस्क ज़ोन में है, उनमें सर्दी-खांसी, बुखार के लक्षण दिखने पर अनिवार्यत: सेंपलिंग कराई जाए। जिले में यह सुनिश्चित किया जाए कि सर्दी-खासी, बुखार वाले मरीजों को नजदीकी फीवर क्लीनिक में भेजा जाए। सैंपल लेने के पश्चात रिपोर्ट आने तक व्यक्ति को आइसोलेशन में रखा जाये। बिना लक्षण वाले मरीजों की पहचान सबसे ज्यादा जरूरी है इसके लिए कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग को और बेहतर तरीके से किया जाए।

शासन द्वारा समय- समय पर जारी की गई एसओपी के पालन के लिए लगातार निरीक्षण किया जाए। नर्सिंग होम, प्राईवेट हॉस्पिटल, दवाई की दुकानों और कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग की हिस्ट्री निकालकर उनका विश्लेषण कर सेंपलिंग हो। बैठक में कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने जिले में कारोना संक्रमण से निपटने के लिए चल रही कार्रवाई का प्रेजेंटेशन दिया और बताया की स्लम और घनी बस्तियों में दो दिन का महासर्वे अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें फीवर क्लीनिक के बारे में भी जनजागृति अभियान चलाया गया है। सर्वे में एक साथ, सर्वे, स्क्रीनिंग, सैंपल, सेनेटेजेशन, डेंगू लार्वा की जांच, मलेरिया की जांच, पानी निकासी और फॉगिंग भी कराई जा रही है। दो दिनों में 5 लाख लोगों का सर्वे किया जाएगा और डॉक्टर की सिफारिश पर सेंपलिंग भी काराई जा रही है। बैठक में जिले में कोराना कि वर्तमान स्थिति और उससे निपटने की तैयारी की भी समीक्षा की गई

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