राज्यपाल टंडन के नये निर्देश
राज्यपाल टंडन के नये निर्देश|Social Media
मध्य प्रदेश

राज्यपाल टंडन के नये निर्देश: स्वदेशी अपनाकर नए भारत का करें निर्माण

मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने व्यापारियों का आह्वान किया, स्वदेशी की दिशा का पालन करते हुए संसाधन उपलब्धता के साथ नये भारत का निर्माण की कही बात।

राज एक्सप्रेस

राज एक्सप्रेस

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश में व्याप्त कोरोना संकटकाल के बीच मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने व्यापारियों का आह्वान किया है और कहा कि स्वदेशी की दिशा का पालन करते हुए आर्थिक पैकेज के द्वारा जो संसाधन उपलब्ध कराये गये हैं उनका उपयोग कर नये भारत का निर्माण करें।

आपको बता दें कि, राज्यपाल टंडन आज कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के द्वारा आयोजित वीडियो कांफ्रेंस को राजभवन से सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना का संकट है, लेकिन गुणवत्ता सुधारने और आर्थिक प्रगति के लिए नया अवसर है। आवश्यकता अपनी शक्ति को पहचानने और नई दिशा पर चलने के संकल्प की है। कांफ्रेंस में देश के विभिन्न स्थानों के व्यापारी सदस्य उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि सारी दुनिया कोरोना संकट से जूझ रही है। देश का नेतृत्व सकारात्मक है। उसकी निगाह सब पर है। आर्थिक पैकेज के साहसिक कदम ने सबको कुछ न कुछ दिया है। आर्थिक पैकेज में अपार संभावनाएँ निहित हैं। किसान, व्यापारी, मजदूर, युवा, महिलाएं, उद्योगों आदि सभी के लिए व्यवस्थाएँ की गई हैं। उन्होंने कहा कि इसका लाभ कैसे लिया जाए, क्या नया किया जाए, वर्तमान व्यापार और व्यवसाय में क्या सुधार कर बढ़ाया जाए, इसका चिंतन करें। संगठन इस दिशा में अपने सदस्यों का नेतृत्व करे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नारी सशक्तिकरण का जो संकल्प किया था, उसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में हमारी बहनों की उपलब्धियों के रूप में दिख रहा है। शहरी और ग्रामीण सभी क्षेत्रों में महिलाएँ लघु और सूक्ष्म उद्योगों में उत्पादन कर रही हैं। कोरोना संकट में विश्व की जो हालत है। उसमें महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता और विकास का नया रास्ता खुला है। आज सरकार महिलाओं के पीछे खड़ी है। समाज उनके साथ है। देश में खादी, दस्तकारी और हस्तशिल्प की स्वदेशी व्यवस्था कायम है। इसे बढ़ाने का यह उपयुक्त अवसर है। सरकार ने थैली खोल दी है ताकि आप अपना काम बढ़ायें। विश्व में हाथों से बना सामान हाथों-हाथ लिया जाता है। यह समय इसके साथ अनुकूलन करने का है।

इस सम्बन्ध में, वीडियो कांफ्रेंस में कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया ने बताया कि 7 करोड़ व्यापारियों की अपैक्स संस्था है, जिससे प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 40 हजार संस्थान जुड़े हैं। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री के अर्थव्यव्स्था को 5 ट्रिलियन बनाने के लिए संगठन द्वारा 50 प्रतिशत महिला आबादी को अर्थव्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लोकल को वोकल और ग्लोबल बनाने के लिए स्वदेशी उत्पादों का ई-मार्केट भी शुरू किया जा रहा है, जो नि:शुल्क होगा। व्यापारियों से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। उत्पादों के घर पर डिलेवरी की कोशिश भी की जा रही है।

इस सम्बन्ध में, कैट मध्यप्रदेश के अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन ने बताया कि देश में सबसे पहले वर्तमान में डिजिटल पैमेंट से विश्वविद्यालयों को जोड़कर प्रदेश में डिजिटल इंडिया को प्रोत्साहन देने की पहल राज्यपाल श्री टंडन ने की थी। उन्होंने बताया कि ई-कामर्स पोर्टल पूर्णत: स्वदेशी होगा। जो जून माह में लाँच होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा पोर्टल बनाने के लिए इस वर्ष दिसम्बर माह तक एक करोड़ व्यापारियों को इसमें शामिल किया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंस में देश के विभिन्न राज्यों की महिला उद्यमियों ने अपनी अपेक्षाएँ बताईं।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। सिर्फ शीर्षक में बदलाव किया गया है। अतः इस आर्टिकल अथवा समाचार में प्रकाशित हुए तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Raj Express
www.rajexpress.co