कमलनाथ सरकार ने ट्रैफिक नियमों में किया बदलाव
कमलनाथ सरकार ने ट्रैफिक नियमों में किया बदलाव|Deepika Pal -RE
मध्य प्रदेश

ट्रैफिक नियमों में बदलाव कर कमलनाथ सरकार ने केन्द्र को दिया झटका

भोपाल, मध्यप्रदेश: प्रदेश सरकार ट्रैफिक नियमों में बदलाव कर केंद्र सरकार को झटका देने वाली है, अब तक जारी नहीं था प्रदेश नें केंद्र द्वारा जारी नियम।

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राज एक्सप्रेस। प्रदेश सरकार ट्रैफिक नियमों में बदलाव कर केंद्र सरकार को झटका देने वाली है, नए साल की शुरूआत में जहां सरकार ने अपने वचनपत्र के वादों को पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी वही अब केंद्र सरकार द्वारा मोटरयान एक्ट के तहत बनाए नियमों से उलट प्रदेश के लिए नियम बनाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। केंद्र द्वारा जारी नियमों को फिलहाल प्रदेश में लागू नहीं किया गया था जिसके बाद अब सरकार के परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर नई दरों का प्रारूप तैयार कर लिया है जिसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। जिसके बाद मंत्रियों की मंजूरी के बाद ही लागू किया जाएगा।

विभाग ने तैयार किया नई दरों का प्रस्ताव :

बता दें कि, प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने ट्रैफिक नियमों में उल्लंघन करने पर जुर्माने की राशि और नियमों में बदलाव करते हुए नई दरों के साथ प्रस्ताव तैयार कर लिया है जो कि केन्द्र की सरकार के नियमों से बिल्कुल अलग है। केन्द्र सरकार ने कुछ महीनों पूर्व ही नए मोटरयान एक्ट के तहत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े नियमों और जुर्माने की राशि जारी की थी जिसमें जुर्माने की राशि को काफी बढ़ाया गया था। जिसके बाद इस कानून के लागू होने से आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था वहीं विरोध भी हुआ था। हालांकि प्रदेश के विभाग कमिश्नर व्ही. मधुकुमार ने बताया कि, इस प्रस्ताव को तैयार कर लिया है जिसे कैबिनेट में मुख्यमंत्री और मंत्रियों की अध्यक्षता में पेश किया जाएगा जिस पर मंजूरी मिलने के बाद ही लागू किया जाएगा।

प्रदेश और केंद्र के जुर्माने में काफी है अंतर :

बता दें कि, केंद्र ने जहां जुर्माने की राशि और सजा के प्रावधान को बढ़ा दिया था वहीं प्रदेश में इस नियमों में कमी की है।

  • केंद्र द्वारा हेलमेट ना लगाने पर 500-1500 रुपये तक का जुर्माना है तो वहीं प्रदेश में इसके लिए 400 रुपये का जुर्माना प्रस्तावित किया गया है।

  • बिना लाइसेंस ड्राइविंग पर केंद्र का जुर्माना 3 महीने की जेल और 5 हजार रुपये का जुर्माना है तो वहीं प्रदेश में इसके लिए 1 हजार रुपये का जुर्माना प्रस्तावित किया गया है।

  • बिना पीयूसी ड्राइविंग पर केंद्र सरकार की ओर 10 हजार रुपये जुर्माना है तो वहीं प्रदेश में इसके लिए सिर्फ 1 हजार का जुर्माना प्रस्तावित किया गया है ।

  • बिना सीट बेल्ट ड्राइविंग पर केंद्र के कानून में जुर्माना 1 हजार रुपये है। वहीं प्रदेश में इसके लिए 500 रुपये प्रस्तावित है।

  • ट्रिपल राइडिंग पर केंद्र सरकार ने 3 महीने की जेल या 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है तो प्रदेश में इसके लिए मात्र 400 रुपये जुर्माना लगाने का प्रस्ताव दिया गया है।

  • ज्यादा हॉर्न बजाने पर मोदी सरकार के 2000 रुपये के जुर्माने को प्रदेश में घटाकर सिर्फ 500 रुपये प्रस्तावित किया गया है।

  • बिना इंश्योरेंस ड्राइविंग पर केंद्र के 3 महीने की जेल और 2 हजार रुपये के जुर्माने को प्रदेश में घटाकर 1 हजार रुपये प्रस्तावित किया गया है।

बढ़ती मंहगाई को देखते लिया फैसला- मंत्री पीसी शर्मा

इस संबंध में सरकार के आशय को स्पष्ट करते हुए कैबिनेट मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि, सरकार द्वारा ट्रैफिक नियमों में बदलाव करने की वजह देश और प्रदेश में बढ़ती हुई मंहगाई है वहीं मोदी सरकार के राज में रोजगार नहीं है इस प्रकार से जुर्माने की राशि बढ़ाने पर लोग इसे चुका नहीं पाएंगे इसलिए इसका ध्यान रखते हुए नियमों में बदलाव किया जा रहा है।

विपक्ष ने कसा तंज :

इस प्रस्ताव के संबंध में विपक्ष के बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि कांग्रेस खुद अनुशासनहीन पार्टी है, इसलिए जनता में अनुशासन नहीं फैलाना चाहती है इसलिए वो मामूली जुर्माना रख रही है जबकि मोदी सरकार ने भारी जुर्माना इसलिए रखा ताकि उसके डर से लोग नियमों का पालन शुरू करें और दुर्घटना में कमी लाई जा सके।

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