भोपाल: Swami Vivekananda की पुण्यतिथि पर सीएम शिवराज ने किया कोटि-कोटि नमन
Swami Vivekananda की पुण्यतिथिSyed Dabeer Hussain - RE

भोपाल: Swami Vivekananda की पुण्यतिथि पर सीएम शिवराज ने किया कोटि-कोटि नमन

Swami Vivekananda Punyatithi 2021: आज स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि है, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने स्वामी विवेकानंद की जयंती उन्‍हें याद करते हुए ट्वीट के जरिए नमन किया है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। आज स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि (Swami Vivekananda Punyatithi 2021) है, आज के दिन (4 जुलाई ) को महान दार्शनिक और विख्यात आध्यात्मिक गुरू स्वामी विवेकानंद का निधन हुआ था, बता दें कि स्वामी विवेकानंद एक हिंदू भिक्षु थे और भारत के सबसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक नेताओं में से एक थे।

सीएम शिवराज नेे ट्वीट कर किया नमन :

विश्व में भारतीय संस्कृति को स्थापित करने वाले युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती पर सीएम शिवराज ने उन्‍हें याद करते हुए ट्वीट के जरिए नमन करते हुए लिखा- भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक दर्शन को संपूर्ण विश्व में गौरव दिलाने वाले हमारे प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन

सत्य को हज़ार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा।-विवेकानंद अपने ओजस्वी व मंगलकारी विचारों से जगत का कल्याण करने वाले महान आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर नमन! आपके विचार सदैव मानवता की सेवा व कल्याण के लिए हमें प्रेरित करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा

नरोत्तम मिश्रा ने किया ट्वीट

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर कहा- विश्व में भारत की विराट आध्यात्मिक चेतना और वैभवशाली सांस्कृतिक परंपराओं की पताका फहराने वाले महान राष्ट्रचिंतक, दार्शनिक और करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी के निर्वाण दिवस पर उन्हें सादर नमन।

एमपी कांग्रेस ने भी किया ट्वीट

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भी ट्वीट कर कहा कि युवाओ के प्रेरक, युवा भारत के गौरव, आध्यात्मिक गुरु, स्वामी विवेकानन्द जी की पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन।

आपको बताते चलें कि, स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को हुआ था, जबकि स्वामी विवेकानंद का निधन 4 जुलाई 1902 को हुआ था, स्वामी विवेकानंद एक ऐसी महान शख्सियत रहे हैं, जिन्होंने वेदांत और योग के भारतीय दर्शन को पश्चिमी दुनिया तक लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वामी रामकृष्ण परमहंस के शिष्य विवेकानंद ने 1893 में अमेरिका के शिकागो की धर्म संसद में भाषण देकर दुनिया को इस बात का एहसास दिलाया था कि भारत विश्वगुरु है, वो एक ऐसे महापुरुष थे, जिनके विचार हमेशा से ही युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे हैं।

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