वर्ल्ड डाउन सिंड्रोम डे पर सीएम ने कहा- पीड़ित बच्चों को चाहिए अधिक देखभाल
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वर्ल्ड डाउन सिंड्रोम डे पर सीएम ने कहा- पीड़ित बच्चों को चाहिए अधिक देखभाल

भोपाल, मध्यप्रदेश। आज वर्ल्ड डाउन सिंड्रोम डे है, इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा है कि डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों को अधिक देखभाल- स्नेह चाहिए।

भोपाल, मध्यप्रदेश। आज वर्ल्ड डाउन सिंड्रोम डे (World Down Syndrome Day) है, इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों को अधिक देखभाल और स्नेह चाहिए।

सीएम शिवराज ने किया ट्वीट-

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डाउन सिंड्रोम डे पर ट्वीट के माध्यम से कहा- "डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों को अधिक देखभाल, प्रेम और स्नेह की आवश्यकता होती है। घर में या आस-पास के सभी ऐसे बच्चों पर अपना अधिक स्नेह लुटाइये, इन्हें बेहतर जीवन जीने में मदद कीजिये, इनकी निश्छल मुस्कान आपके जीवन को आनंद के एक नये प्रकाश से आलोकित कर देगी"

क्या होता है डाउन सिंड्रोम

यह एक आनुवांशिक विकार है जो असामान्य कोशिका विभाजन के कारण गुणसूत्र 21 से अतिरिक्त आनुवांशिक सामग्री की वजह से होता है, बता दें कि डाउन सिंड्रोम में फिजिकल, मेंटल और साइकोलॉजिकल लक्षण दिखाई देते हैं, इसे मोंगोलॉयड सिंड्रोम भी कहते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डाउन सिंड्रोम सभी लोगों को अपने जीवन से संबंधित या प्रभावित करने वाले मामलों के बारे में निर्णय लेने में, महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए, प्रोत्साहित करने के ​लिए वर्ल्ड डाउन सिंड्रोम डे मनाया जाता है।

आपको बताते चलें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2011 में डाउन सिंड्रोम के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए 21 मार्च को विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस के रूप में घोषित किया था। डाउन सिंड्रोम से ग्रसित बच्चों के हाथ छोटे मोटे, छोटी उंगली काफी छोटी, नाक चपटा, जीभ लंबी और कान अपेक्षाकृत थोड़े बड़े होते हैं। डाउन सिंड्रोम एक ऐसी समस्या है जिसमें बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास आम बच्चों जैसा नहीं हो पाता है।

डाउन सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति की स्वास्थ्य देखभाल:

  • मानसिक-शारीरिक विकास की निगरानी के लिए स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा नियमित जांच-पड़ताल तथा भौतिक चिकित्सा, परामर्श या विशिष्ट शिक्षा के विभिन्न हस्तक्षेपों को समय-समय पर प्रदान करना।

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