संपत्ति कर काे जोड़ा जाएगा कलेक्टर गाइडलाइन से
संपत्ति कर काे जोड़ा जाएगा कलेक्टर गाइडलाइन से|Social Media
मध्य प्रदेश

कैबिनेट ने दी हरी झंडी, अब संपत्ति कर काे जोड़ा जाएगा कलेक्टर गाइडलाइन से

भोपाल, मध्यप्रदेश: कैबिनेट ने भी अधिनियम में संपत्ति कर को कलेक्टर गाइडलाइन से जोड़ने संबंधी संशोधन को मंजूरी दे दी है।

Deepika Pal

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भोपाल, मध्यप्रदेश। प्रदेश में महामारी कोरोना का संकट जहां अब तक थमा नहीं है वहीं दूसरी तरफ संकटकाल के बीच कई प्रस्तावों पर के सरकार द्वारा फैसले लिए जा रहे हैं इस बीच ही बीते दिन मंगलवार को कैबिनेट ने भी अधिनियम में संपत्ति कर को कलेक्टर गाइडलाइन से जोड़ने संबंधी संशोधन को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब प्रदेश में कहीं भी मौजूदा संपत्ति कर कम नहीं किया जाएगा, साथ ही यह ध्यान रखा जाएगा कि कहीं भी ये 10 फीसदी से ज्यादा नहीं हो।

अभी जोन के हिसाब से तय की जाती थी संपत्ति कर की गणना

इस संबंध में, पहले की पद्धति में संपत्ति कर की गणना जोन के हिसाब से निर्धारित की जाती थी जिसमें समस्या ये थी कि जोन में शामिल सभी प्राॅपर्टी के कर की गणना एक ही आधार पर होती है। साथ ही जोन के लिए एन्युअल लेटिंग वैल्यू तय कर दिया जाता है। जिस आधार पर सस्ती हो या महंगी संपत्ति पर कर बराबर हो जाता है। इसके लिए इस पद्धति में बदलाव कर संशोधन किया गया है।

अब जारी गाइडलाइन में यह है नई व्यवस्था

इस संबंध में, आपको बताते चलें कि संशोधन के बाद अब नई गाइडलाइन में अब यह होगा कि, किसी जगह की जमीन की जो दर तय होगी, उसी का निश्चित प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में वसूला जाएगा। इससे महंगी और सस्ती प्रॉपर्टी में एक समान टैक्स नहीं लगेगा। जिससे किसी प्रकार की विसंगति नहीं आएगी।

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