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कांग्रेस नेताओं की जबान हुई बेलगाम
कांग्रेस नेताओं की जबान हुई बेलगाम|Priyanka Yadav - RE
मध्य प्रदेश

विजयवर्गीय के बाद, कांग्रेस नेताओं की जबान हुई बेलगाम

कमलनाथ कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री सज्जन सिंह वर्मा बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय पर बरसे, कैलाश पर हमले में मंत्री के बोल बिगड़ने की भी अब सियासी गलियारों में चर्चा।

Priyanka Yadav

Priyanka Yadav

राज एक्सप्रेस। भारतीय जनता पार्टी के नेता कैलाश विजयवर्गीय इन दिनों सुर्खियों में हैं। बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के आग लगा देने वाले बयान को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस बयान को लेकर कांग्रेस, बीजेपी और विजयवर्गीय की घेराबंदी में जुट गई है।

वरिष्ठ मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के बिगड़े बोल

कैबिनेट की बैठक के बाद ब्रीफिंग के दौरान कमलनाथ कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री सज्जन सिंह वर्मा बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय पर बरसे कहा, इंदौर ऐसा शहर नहीं है कि कोई नपुंसक आग लगा दे, इंदौर बाहुबली और बुद्धिमान लोगों का शहर है। मंत्री के इस बयान पर बवाल की आशंका होते ही उनके साथ मौजूद अन्य मंत्री बचाव में उतरे और सज्जन वर्मा के बयान को समझाने लगे। कैलाश पर हमले में मंत्री के बोल बिगड़ना भी अब सियासी गलियारों में चर्चा का कारण बन गया है।

कांग्रेस की ओर से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार

प्रदेश कांग्रेस के एक प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर पुलिस महानिदेशक को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग संबंधी ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया कि :

तीन जनवरी को श्री विजयवर्गीय द्वारा इंदौर में शासन द्वारा नियमानुसार की जा रही अतिक्रमण हटाओ मुहिम का विरोध करते हुए कमिश्नर के आवास पर भाजपा के नेताओं के साथ धरना-प्रदर्शन करते हुए अशांति फैलाने का प्रयास किया गया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि, यदि संघ के पदाधिकारी नहीं होते तब वे इंदौर में आग लगा देते। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी, महामंत्री, प्रवक्ता उपस्थित थे।

जानिए पूरा मामला

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय इंदौर कमिश्नर आकाश त्रिपाठी के घर के सामने धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे विजयवर्गीय ने एडीएम से कहा- हमसे मिलने के लिए अधिकारियों के पास समय नहीं है, इतने बड़े हो गए क्या? हम लिखित में पत्र दे रहे हैं कि हम मिलना चाहते हैं। उन्हें समझना चाहिए कि वे जनता के नौकर हैं। ये बर्दाश्त नहीं करेंगे अब। वो तो हमारे संघ के पदाधिकारी शहर में हैं, नहीं तो आज आग लगा देता इंदौर में।

शहर की समस्याओं पर चर्चा के लिए पत्र लिखकर बुलाने के बाद भी अधिकारियों के नहीं आने को उन्होंने शासन-प्रशासन का अहंकार बताया और कहा कि यहा भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं का अपमान है। वक्त आने पर इसका जवाब देंगे। इस धरने में विजयवर्गीय के साथ भाजपा के पधादिकारी समेत सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर FIR दर्ज करने की मांग

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