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Bhopal Sant Nagar Shamshan Ghat
Bhopal Sant Nagar Shamshan Ghat|Priyanka Sahu -RE
मध्य प्रदेश

भोपाल: संत नगर श्मशान घाट की हालत बद से बदतर-कोई मूलभूत सुविधा नहीं

संत हिरदाराम नगर, भोपाल: संत नगर में बैकुंठ धाम के श्मशान घाट के हालात ऐसे है कि, यहां अंतिम यात्रा में पहुंचने वाले लोगाें को मूलभूत सुविधाएं तक, नगर-निगम और जनप्रतिनिधि उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

हाइलाइट्स :

  • संत नगर के श्मशान घाट में कीचड़ ही कीचड़ फैली हुई है।

  • अंतिम यात्रा में पहुंचने वाले लोगाें को मूलभूत सुविधाएं नहीं।

  • बैकुंठ धाम में LED लाइट जलती कम और बंद ज्यादा रहती है।

  • सड़क का नामो निशान नहीं, नलों में पानी नहीं और गंदगी का अंबार।

  • न बिजली, न पानी और ना ही सड़क, शवदाह की लकड़ी भी गीली

राज एक्‍सप्रेस। भोपाल के संत नगर में श्मशान घाट (Bhopal Sant Nagar Shamshan Ghat) की हालत बद से बदतर होती जा रही है। नगर निगम भले ही इस संत नगर बैकुंठ धाम को सुव्यवस्थित हाई टैक बनाने के लाख दावे करता हो, लेकिन हकीकत उसकी उल्ट है। शव यात्रा में आने वाले बड़े-बुजुर्ग कीचड़ मेें गिर रहे हैं, सड़क का यहां नामो निशान नहीं और ना ही बिजली पानी की उचित व्यवस्था है।

नगर निगम-जनप्रतिनिधि नहीं करवा रहे सुविधाएं :

संत नगर वासियों का यह दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि, इतने बड़े उपनगर में अंतिम यात्रा में पहुंचने वाले लोगाें को मूलभूत सुविधाएं तक, निगम और जनप्रतिनिधि उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं। इस श्मशान घाट में हाथ-मुंह धोने के लिए ना तो स्वच्छ पानी है और ना ही पैदल चलने के लिए सड़क, जो लोग यहां अंतिम संस्कार के लिए आ रहे हैं उनमें बुजुर्ग भी इस श्मशान घाट को देखकर यह जरूर कहते हैं कि, यह क्‍या हो रहा है और इस तरफ किसी का ध्यान क्‍यों नहीं है?

श्मशान घाट में कीचड़ ही कीचड़ :

संत नगर के श्मशान घाट में कीचड़ ही कीचड़ फैली हुई है,लोग गंदगी में चलने को मजबूर हैं, निगम ने इतनी बरसात में एक बार भी ना तो यहां गिट्टी डलवाई है और ना ही यहां की सड़क को कभी बनाने की जहमत उठाई है, एक तरफ नगर निगम यह कहता है कि, भोपाल के सभी श्मशान घाट का कायाकल्प किया जा रहा है, उन्हें हाई टैक बनाया जा रहा है, तो क्‍या यह समझा जाए की नगर निगम इस तरह से श्मशान घाटाें को हाईटैक बना रहा है।

नलों में पानी नहीं और गंदगी का अंबार :

यहां हाथ मुंह धोने के लिए कई दर्जनों नल लगाए गए है, लेकिन इनमें से कुछ में ही पानी आ रहा है। लोग हाथ मुंह धोने के लिए लाइन में लगे रहते हैं और नलों से निकलने वाला पानी भरपूर गंदगी से भरा हुआ। इनके आस-पास गंदगी का अंबार बना हुआ है, हरी-हरी काई नलों के पास लगी हुई है, जिसे कभी किसी ने साफ नहीं किया, टंकियाें में गंदगी है और ऐसे में अगर कोई व्यक्ति यह पानी पी जाए तो समझो उसे बीमार होना ही पड़ेगा।

बिजली सप्‍लाई ठप :

संत नगर सहित भले ही वैकुंठ धाम में एलईडी लाइट लगाई गई हो, लेकिन यह जलती कम है और बंद ज्यादा रहती है, ऐसे में अगर सूरज ढलने के बाद किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने यहां पहुंचेगे, तो समझो अंधेरे और लालटेन जलाकर अंतिम संस्कार की रस्म को पूरा किया जाएगा। इधर शेड की बात की जाए तो आधे अधूरे शेड इस श्मशान घाट की एक पहचान हैं।

अंतिम संस्कार में ये भी दिक्‍कत :

इस श्मशान घाट में ट्रस्ट के लोगों की खामियां नजर आ रही हैं, अंतिम संस्कार के लिए जो लोग यहां लकड़ी लेने आते हैं, वह लकड़ियां खुले में रखींं हुई है और बरसात में यह गीली हो रही हैं, जबकि इन्हेंं शेड में रखा जाना चाहिए। ट्रस्ट के लोग इन लकड़ियाें के लिए मोटी रकम भी लोगाें से वसूलते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं, जैसी लकड़ी है, वैसे ही लेनी पड़ेगी, लिहाजा लोगों को अंतिम संस्कार की रस्म को पूरा करने लिए कई लीटर घासलेट और घी लेना पड़ता है।