मिनी हनी ट्रैप
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मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश: मिनी हनी ट्रैप और अड़ीबाजी कर लूट का मामला आया सामने

भोपाल, मध्यप्रदेश : राजधानी भोपाल में मिनी हनी ट्रैप का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, युवकों को युवती के जाल में फंसा कर ब्लैकमेलिंग और लूट की वारदात को दे रहे थे अंजाम।

Priyanka Yadav

Priyanka Yadav

हाइलाइट्स :

  • सनसनीखेज मामला राजधानी भोपाल का

  • भोपाल के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में हुई थी वारदात

  • तीन युवकों को युवती ने जाल में फंसाकर की ब्लैकमेलिंग और लूट

  • आरोपियों ने फरियादी से बंदूक दिखाकर की पैसों की लूट

  • वारदात को अंजाम देने वाले असली या नकली पुलिस वाले इसको लेकर चल रही जांच

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मिनी हनी ट्रैप का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार तीन युवकों को युवती के जाल में फंसा कर ब्लैकमेलिंग और लूट की वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।

क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि, मिनी हनी ट्रैप का सनसनीखेज मामला राजधानी भोपाल से सामने आया है। घटना राजधानी भोपाल के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र की है। आरोपियों ने फरियादी से बंदूक दिखाकर की पैसों की लूट की और फरियादियों को झूठे केस में फंसने की भी धमकी दी थी। आरोपियों ने मोबाइल के जरिये भी एकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाये थे।

एक महिला को पुलिस ने लिया हिरासत में

मामले में एक महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस पूरे घटनाक्रम में योगेश विश्वकर्मा नाम के शख्स का आया नाम सामने।

इस घटना को अंजाम देने वाले पुलिस कर्मी नहीं थे। फिलहाल वारदात को अंजाम देने वाले असली या नकली पुलिस वाले इसको लेकर जाँच चल रही है। पुलिस जांच में जुटी, सेक्स रैकेट और ऐसी कई और वारदातों का खुलासा हो सकता हैै।

पुलिस के मुताबिक

आपको बताते चलें कि इससे पहले भी अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में ऐसा मामला आया था। जिसमे तत्कालीन थाना प्रभारी हरीश यादव को निलंबित किया था।

क्या था मामला

मोबाईल एप्लीकेशन के जरिए हाई प्रोफाइल ग्राहकों को गैंग द्वारा फसाया जाता था। जहां लोगों से हजारों रूपये लिये जाते थे। कुछ मामलों में ग्राहकों पर झूठे आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत की जाती थी। इसके बाद इनपर झूठे आरोप में फसाने के नाम पर पुलिस वालों द्वारा मध्यस्थता की जाती थी और हजारों रूपये ग्राहकों से ऐठें जाते थे।

जानकारी के अनुसार

इस कारोबार में एक टीआई सहित 4 पुलिसवालों के नाम सामने आये थे। कार्यवाही के बाद भोपाल आईजी द्वारा टीआई जो वर्तमान में सागर के बहेरिया में पदस्थ हैं को निलबिंत करने के लिये सागर आईजी को पत्र लिखा गया था। इसी पत्र के आधार पर सागर एसपी अमित सांघी ने कार्यवाही करते हुये बहेरिया टीआई हरीश यादव को निलबिंत कर दिया था।

हनी ट्रैप मामले से जुड़ा सामने आया एक फेसबुक अकाउंट

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