उपचुनाव के दौरान अपनाने होंगे ये नियम
उपचुनाव के दौरान अपनाने होंगे ये नियम|Social Media
मध्य प्रदेश

भोपाल : उपचुनाव के दौरान अपनाने होंगे ये नियम

भोपाल, मध्य प्रदेश : चुनाव आयोग ने कोरोना महामारी को लेकर जारी की विशेष गाइडलाइन।

राज एक्सप्रेस

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भोपाल, मध्य प्रदेश। चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर तीन नवंबर को मतदान होगा, 16 अक्टूबर तक उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकते हैं। चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। चुनाव आयोग द्वारा चुनावी प्रक्रिया की घोषणा करते ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। इस बार उप चुनाव इस मायने में अलग होगा कि पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। इस बीमारी के लिए बचाव ही इलाज है जिसके तहत सोशल डिस्टेंस सबसे महत्वपूर्ण है। लेकिन चुनावों में प्रचार, जनसंपर्क से लेकर वोटिंग तक भीड़ का जुटना सामान्य बात है। ऐसे में निर्वाचन आयोग ने विशेष गाइडलाइन जारी की है।

दलों और प्रत्याशियों के लिए निर्देश :

राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए निर्देश हैं कि जनसंपर्क के दौरान वो अपने साथ सुरक्षाकर्मियों के अलावा पांच लोग से ज्यादा नहीं ले जा सकते हैं। वहीं रोड शो के काफिले के एक हिस्से में पांच गाड़ियां ही रहेंगी। आधे घंटे बाद पांच गाडिय़ों का दूसरा काफिला आएगा। रैलियों में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए निशान बनाए जाएंगे। राज्य आपदा प्रबंधन का तरफ से भी निर्धारित संख्या में लोग ही शामिल होंगे।

चुनाव कर्मचारियों के लिए निर्देश :

चुनाव में ड्यूटी करने वाले प्रत्येक कर्मचारी को मास्क पहनना होगा। इस दौरान अगर कोई कर्मचारी कोरोना संक्रमित होता है तो उसके स्थान पर अन्य कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके लिए एक्स्ट्रा स्टाफ तैयार रखना होगा। चुनाव के दौरान वोटिंग के लिए जिन परिसर व कमरों का इस्तेमाल होगा वहां हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। साथ ही यहां हाथ थोने के लिए साबुन पानी व सैनेटाइजर भी उपलब्ध होगा। ईवीएम से जुड़ा हर काम, चुनाव सामग्री देने और लेना का काम बड़े हॉल में होगा ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। मतगणना स्थल पर सात से ज्यादा काउंटिंग टेबल नहीं लगेगी। रिटर्निंग ऑफिसर एक क्षेत्र में पड़े वोटों की गिनती सुविधानुसार 3-4 हॉल में करा सकते हैं। कंट्रोल यूनिट वीवीपेट को टेबल पर रखने से पहले सैनेटाइज किया जाएगा। वीवीपेट से सील हटाने का काम और कंट्रोल यूनिट पर रिजल्ट शो करना का काम एक टेबल पर एक अधिकारी करेगा। काउंटिंग से पहले, काउंटिग के दौरान और काउंटिंग के बाद हॉल को डिसइन्फैक्ट किया जाएगा।

मतदाताओं के लिए निर्देश :

वोटिंग से एक दिन पहले पोलिंग बूथ सैनेटाइज होगा। एक बूथ पर 1500 की बजाय इस बार 1000 वोटर ही वोट डाल सकेंगे। पोलिंग बूथ के प्रवेश और निर्गम स्थल पर साबुन, पानी और सैनेटाइजर होगा। यहां एक्स्ट्रा मास्क भी रखे जाएंगे और अगर कोई मतदाता बिना मास्क के आता है तो उसे ये मास्क दिए जाएंगे। थर्मल स्क्रीनिंग में दो बार तापमान तय डिग्री से अधिक आने पर वोटर को टोकन-सर्टिफिकेट दिया जाएगा और ऐसे वोटर वोटिंग के आखिरी घंटे में वोट डाल सकेंगे। पोलिंग बूथ पर सोशल डिस्टेंस के पालन के लिए छह फीट की दूरी पर गोले बनाए जाएंगे। यहां तीन लाइन होगी जिनमें पुरुष, महिला और दिव्यांग तथा सीनियर सिटिजन के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी। पोलिंग बूथ के प्रवेश पर हर किसी की थर्मल स्क्रीनिंग होगी और वहां सैनेटाइजर की व्यवस्था भी होगी। वोटर को रजिस्टर पर साइन करने और पोलिंग बूथ का बटन दबाने के लिए हैंड ग्वल्स दिए जाएंगे।

कोरोना संक्रमित आखिरी घंटे में कर सकेंगे मतदान :

कोरोना पॉजिटिव मरीज और क्वारंटाइन सेंटर या होम क्वारंटाइन लोग वोटिंग के आखिरी घंटे में स्वास्थ्य अधिकारी की निगरानी में वोट दे सकेंगे। कोरोना मरीजों की वोटिंग की प्रक्रिया को संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट कोऑर्डिनेट करेंगे। कोरोना मरीज या क्वारंटाइन लोग पोस्टल बैलेट से भी वोट दे सकते हैं। पोस्टल बैलेट के जरिए कोरोना मरीजों के अलावा दिव्यांगजन, 80 साल से अधिक उम्र के लोग तथा आवश्यक सेवाओं में शामिल लोग वोट से सकते हैं।

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