इंदौर : दिवाली पर शुरू हुआ दलालों की सफाई का अभियान

इंदौर, मध्य प्रदेश : अपर कलेक्टर न्यायालय द्वारा आठ व्यक्तियों के विरुद्ध जमानती वारंट जारी।
इंदौर : दिवाली पर शुरू हुआ दलालों की सफाई का अभियान
दिवाली पर शुरू हुआ दलालों की सफाई का अभियानSocial Media

इंदौर, मध्य प्रदेश। दिवाली के साथ ही इंदौर जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में दलालों की किसी भी तरह की अवांछित आवाजाही सख्ती से बंद होने वाली है। कलेक्टर मनीष सिंह ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अजय देव शर्मा के न्यायालय द्वारा आठ व्यक्तियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया है। इंदौर जिले में कलेक्टर कार्यालय एवं अन्य कार्यालयों में दलालों एवं बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के लिए कलेक्टर मनीष सिंह के आदेश पर एडीएम तथा एसडीएम एवं नगर निगम के अधिकारियों के संयुक्त दल द्वारा बंसी ट्रेड सेंटर हुकम चंद घंटाघर इंदौर के सेकंड फ्लोर में स्थित एमपी ऑनलाइन के कार्यालय में आकस्मिक जांच की गई थी। पूछताछ करने पर और इस कार्यालय के निरीक्षण करने पर टीम को ज्ञात हुआ कि इस ऑफिस में एमपी ऑनलाइन से संबंधित कार्यों की आड़ में बड़े पैमाने पर दलाली का कारोबार पनप रहा है। कलेक्टर कार्यालय, नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग इंदौर विकास प्राधिकरण के कार्यालयों से संबंधित कुछ दस्तावेज यहां पाए गए थे।

एडीएम अजय देव शर्मा ने बताया है कि जांच दल के अधिकारियों द्वारा इस संबंध में छानबीन करने पर पाया गया कि शुभम जैन, संदीप पटेल पिता प्रेमनारायण पटेल, संदीप भावसार पिता प्रहलाद दास भावसार, केतन सोनी पिता तुलसीदास सोनी, बनवारी जितेश गौर पिता रामनिवास, कमल वीरमानी और निर्मल नरेडी की भूमिका पाई गई है। पक्षकारों एवं आवेदकों को गुमराह कर उनके कार्यों को कराने का जि़म्मा इनके द्वारा लिया जाता है। वर्तमान परिस्थिति में इनके एवं पक्षकारों के मध्य वाद विवाद की संभावना निर्मित हो गई है। एवं इससे शांति भंग भी हो सकती है ऐसी परिस्थिति में इनके विरुद्ध प्रक्रिया संहिता की धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। इनकी उपस्थिति हेतु एडीएम न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी (जमानती) वारंट जारी कर दिया है कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा जिले के सभी अपर कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों के निरंतर समीक्षा करें और आवेदकों के कार्य सरलता से होना सुनिश्चित करें।

कई फाइलें तो एक ही क्षेत्र कीं :

जांच के दौरान सबसे अधिक फाइलें एसडीएम मल्हारगंज की पाई गईं। इन फाईलों में से कुछ फाइलों पर एसडीएम के हस्ताक्षर मिले और सभी फाइलें मूल थी न की प्रमाणित प्रति। कुछ फाइलें तो एडीएम कार्यालय की भी मिली हैं। सभी फाइलों की जांच कलेक्टर के द्वारा निर्धारित टीम कर रही है।

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