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नगर निगम में हुआ 10 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार
नगर निगम में हुआ 10 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार|Gaurav Jain
मध्य प्रदेश

खण्डवा: नगर निगम में हुआ 10 करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार

खण्डवा, मध्यप्रदेश: जल वितरण कंपनी में हुई धांधली मामले पर 9 माह बाद जांच हुई शुरु, आगे यह देखना होगा कि, इस मामले पर कार्रवाई कब होती है?

Gaurav Jain

हाइलाइट्स :

  • जल वितरण योजना में धांधली का मामला

  • बूंद- बूंद के लिए तरस रहा है शहर

  • पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनियों ने किया 10 करोड़ का भ्रष्टाचार

  • जांच दल के आने में लग गया 9 महीने का समय

  • मामले पर कार्रवाई कब होगी, समय तय नहीं

राज एक्सप्रेस। नगर निगम को घोटालों का केंद्र कहा जाता है और अगर बात की जाए, खण्डवा नगर निगम की तो, इसे केंद्र नहीं भ्रष्टाचार का मुख्यालय कह सकते हैं। अमृत को जहर में कैसे बदला जाए सीखना हो तो, खण्डवा नगर निगम के अधिकारियों, भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों और इनसे सांठगांठ कर कार्य हथियाने वाली कंपनियों के अधिकारियों से सीखा जा सकता है।

कंपनी ने किया 10 करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार :

खण्डवा के लाखों लोगों को पानी की बूंदों के लिए तरसाने वाली विश्वा कंपनी अरबों रूपए का टेंडर हथियाकर साथ ही नेताओं से सांठगांठ करके पाइप लाइनों में करोड़ों छेद करके भागने की फिराक में हैं । वही शहर के विभिन्न वार्डों में जल वितरण के लिए लाई गई 10 करोड़ रूपये की अमृत जल योजना जिसका कार्य ईपीसी प्रायवेट लिमिटेड को दिया गया था। इन्हीं अधिकारियों ने भ्रष्ट कंपनी के लोगों से मिलकर पलीता लगा दिया।

रहवासियों की शिकायत पर हुई मामले की जांच :

खण्डवा के रहवासियों के द्वारा लगभग 8 माह पूर्व स्थानीय शासन मंत्रालय में की गई शिकायत की जांच के लिए मंगलवार को मुख्य अभियंता नगरी प्रशासन एवं अधीक्षण यंत्री इंदौर संभाग द्वारा शहर के वत्सला विहार, सुभाष स्कूल , गंजबाजार, वैकुंठ नगर, सिघाड़ तलाई आदि वार्ड में अमृत योजना की पाइप लाइन की जांच की गई।

गलत पैमाने से हुई पाइपलाइन की खुदाई :

जांचकर्ता अधिकारियों की माने तो कंपनी द्वारा जो कार्य किया गया है वह निर्धारित मापदंड के अनुसार नहीं है। नियमानुसार पाइप लाइन को लगभग 1 मीटर नीचे दबाया जाना था लेकिन चंद रूपयों के लालच इस लाइन को कहीं 6 इंच तो कहीं 10 इंच पर दबा दिया गया। इंदौर से आया जाँच दल शीघ्र ही अपनी जाँच रिपोर्ट सौंपेगा।

कब होगी भ्रष्ट्राचारियों पर कार्रवाई :

लेकिन इन भ्रष्ट्राचारियों पर कार्रवाई कब होगी यह तो कहना मुश्किल है क्योंकि जब 9 माह से ज्यादा समय जाँच दल के आने में ही लग गया ऐसे में ठोस कार्रवाई कब होगी यह बताना तो शायद प्रदेश के मुखिया के हाथ में भी नहीं होगा।

इनका कहना है कि :

“शुरूआती जाँच में वार्डो में बिछाई गई पाइप लाईन की गहराई कम पाई गई है शीघ्र ही उच्च अधिकारियों को जाँच रिपोर्ट सौपेंगे।“

गजेन्द्रसिंह अधीक्षक यंत्री,संभागीय कार्यालय,इंदौर।