अनूपपुर : प्रदूषण के आगोश में विद्युत नगरी
प्रदूषण के आगोश में विद्युत नगरीRaj Express

अनूपपुर : प्रदूषण के आगोश में विद्युत नगरी

अनूपपुर, मध्यप्रदेश : सेलो की ओवरफ्लो टैंक से उड़ रहा राखड़ का धुआं। दूषित पर्यावरण से मानव, प्राणियों और वनस्पतियों को खतरा।

अनूपपुर, मध्यप्रदेश। सेलो से निकलने वाला राखड़युक्त धुआं विद्युत नगरी व आस-पास मौजूद दर्जनों ग्रामों के लिए नुकसानदायक है, मुख्य मार्ग के किनारे बना टैंक महीनों से ओवरफ्लो चल रहा है, जिसके कारण राखड़युक्त धुआं पर्यावरण में प्रवेश के साथ सड़क पर छा जाता है, वहां से निकलने वाले राहगीरों व वाहन चालकों को कुछ भी दिखाई नहीं देता है, दुर्घटना के साथ मानव, प्राणियों और वनस्पतियों के लिए यह धुआं खतरा बनता जा रहा है।

मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड की अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई स्थित सेलो की टंकी महीनों से ओवरफ्लो चल रही है, जिसके कारण प्रतिदिन राखड़युक्त धुआं पर्यावरण में प्रवेश कर रहा है, चौबीसों घंटे निकलने वाली इस धुएं के कारण विद्युत नगरी प्रदूषण के चपेट में रहती है। चचाई-अमलाई मुख्य मार्ग में स्थित ताप विद्युत केन्द्र का राखड़ टैंक के धुएं के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, अधिकारियों की लापरवाही और मनमाने रवैये के कारण वह दिन दूर नहीं जब मौत के आगोश में मानव प्रजाति होगी।

कमीशन बना कारण :

जानकारी के अनुसार पावर प्लांट से निकलने वाला राखड़ को सेलो प्लांट में रखा जाता है, जहां से वाहनों के माध्यम से बाहर निकाला जाता है, लेकिन कमीशन का दर बढ़ा देने के कारण गाड़ियां यहां पर कम पहुंच रही हैं, जिसके कारण राखड़ का उठाव कम हो पा रहा है और सेलो प्लांट में राखड़ की मात्रा अत्यधिक हो जाती है। प्लांट में जमा गर्म राखड़ धुआं बन कर ऊपर की ओर उठता है और पर्यावरण में प्रवेश कर वायु को दूषित कर रहा है।

दुर्घटना को आमंत्रण :

चचाई पावर प्लांट का राखड़ प्लांट मुख्य मार्ग से किनारे स्थित है, जहां हर समय ओवरलोड राखड़ से भरे वाहनों का आवागमन होता आ रहा है। यह ओवरलोड वाहन मुख्य मार्ग पर खड़े होकर और सड़क में बेलगाम भाग कर हरपल दुर्घटना को आमंत्रण देते हैं, राखड़ लेकर निकलने वाले वाहनों की वजन माप भी नहीं हो रही है, यहां जिस कंपनी को अधिकारियों ने राखड़ भरने के लिए अधिकृत किया है वह क्षमता से अधिक राखड़ वाहनों में भर रहे हैं, जिसकी कोई निगरानी नहीं हो रही है। यह भारी वाहन सड़कों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिस पर परिवहन विभाग भी कोई ध्यान नहीं दे रहा।

पीसीबी का मौन धारण :

पर्यावरण को सुरंक्षित रखने का जिम्मा संभाल रहे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौन धारण किए हुए बैठे हैं, जिसके कारण सेलो प्लांट में बैठे जिम्मेदार अधिकारी पर्यावरण को खतरा पहुचांने में कोई गुरेज नहीं कर रहे हैं। महीनों से निकल रहे राखड़युक्त धुएं को पीसीबी के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मुख्य मार्ग सहित आस पास के दर्जनों ग्राम इसके चपेट में पहुंच रहे हैं, आने वाले दिनों में यहा के पेड़-पौधों के साथ मानव जीवन को भी यह धुआं प्रभावित करेगा। नजदीक बसे रहवासी राखड़ के प्रदूषण में रहने को मजबूर हैं।

पहले हो चुकी है कार्यवाही :

बीते वर्ष ओवरलोडिंग के कारण प्लांट के जिम्मेंदार अधिकारी एई अतुल ठाकुर के खिलाफ कार्यवाही भी की गई थी, लेकिन जबसे एसी के चार्ज में अशोक कुमार बडौनिया और एई के चार्ज में अखिलेश सिंह बैठे हैं एक बार फिर लापरवाही और मनमानी करते हुए कमीशन का खेल शुरू कर दिया गया है। इस बेतरतीब कार्यप्रणाली को लेकर ताप विद्युत केन्द्र के मुखिया और पर्यावरण विभाग के जिम्मेंदार अधिकारी मौन धारण किए हुए हैं।

इनका कहना है :

मैं अभी साहब के पास बैठा हूं, आप से बाद में बात करता हूँ।

अखिलेश सिंह, एई सेलो प्लांट

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