ग्वालियर : सेन्ट्रल जेल की दीवार फांदी तो लगेगा 11 हजार वोल्ट का करंट

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : जेल की 22 फीट ऊंची दीवार पर लगाई जा रही 4 फीट ऊंची इलेक्ट्रिक तार फैंसिंग। तार फैंसिंग का करीब 80 प्रतिशत काम हुआ पूर्ण। आठ लाख की लागत से किया जा रहा है काम।
ग्वालियर : सेन्ट्रल जेल की दीवार फांदी तो लगेगा 11 हजार वोल्ट का करंट
सेन्ट्रल जेल की दीवार फांदी तो लगेगा 11 हजार वोल्ट का करंटRaj Express

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। सेंट्रल जेल में बंद किसी भी कैदी ने अब यदि दीवार फांदने का प्रयास किया तो उसे 11 हजार वोल्टेज का तेज झटका खाना पड़ेगा। झटके की रफ्तार भी इतनी तेज होगी, कि उसे करीब 22 फीट की दीवार से नीचे ही गिरना होगा। जिससे हो सकता है कि वह गंभीर रूप से घायल हो जाए अथवा उसे अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

सेंट्रल जेल की चौकसी को लेकर दिन प्रतिदिन शासन सख्त कदम उठा रहा है। चौकसी को लेकर ही जेल विभाग द्वारा सेन्ट्रल जेल की चार दीवारी के ऊपर चार- चार फीट ऊंची इलेक्ट्रिक तार फैंसिंग लगाई जा रही है। इसी तार फैंसिंग की वजह से जेल की सुरक्षा व्यवस्था और भी अधिक मजबूत हो जाएगी। क्योंकि तार फैंसिंग होने के बाद यदि कोई भी कैदी दीवार फांदने का प्रयास करेगा तो उसे डीसी करंट का 11 हजार वोल्ट वाला तेज झटका लगेगा। जिसकी वजह से वह अपने उद्देश्य में कामयाब नहीं हो सकेगा।

ऐसे करेगी काम :

इलेक्ट्रिक तार फैंसिंग में 9 से 11 हजार वोल्ट का करंट प्रवाह करेगा। लेकिन यह करंट लगातार नहीं बहेगा। करंट 1.2 सेकण्ड के अंतर से तार फैंसिंग में बहेगा। इस वजह से करंट लगने के महज 1.2 सेकण्ड बाद ही करंट का प्रवाह बंद हो जाएगा। इस वजह से किसी भी व्यक्ति की करंट लगने से मौत नहीं हो सकेगी, लेकिन झटका इतना तेज होगा। जिससे दीवार पर चढ़ने वाला व्यक्ति हो सकता है कि 22 फीट नीचे जमीन पर गिरेगा।

सोलर पैनल से संचालित होगा सिस्टम :

तार फैंसिंग लगाने का काम हैदराबाद की क्राउन सोलर पावर फैंसिंग सिस्टम द्वारा किया जा रहा है। कंपनी के साइट इंचार्ज सचिन चौरसिया ने बताया कि तार फैंसिंग में बहने वाला करंट सूर्य की रोशनी से अर्थात सोलर सिस्टम से तैयार होगा। जिसमें 12 वोल्ट वाली बैट्री का उपयोग किया जाएगा। तार फैंसिंग में डीसी करंट प्रवाहित किया जाएगा। जब भी कोई व्यक्ति इस फैंसिंग को टच करेगा तो तेज अलार्म बोलने लगेगा। जिससे जेल की सुरक्षा में तैनात कर्मचारी भी सतर्क हो जाएंगे।

सरमन शिवहरे ने किया था दीवार फांदने का प्रयास :

सेन्ट्रल जेल की चार दीवार को फांदने का प्रयास कुछ ही वर्ष पूर्व जेल के शातिर कैदी सरमन शिवहरे द्वारा किया जा चुका है। सरमन शिवहरे ने जेल से भागने के लिए दीवार की दूसरी ओर रस्सा बांध लिया था। उस रस्से के सहारे सरमन आधी से अधिक दीवार तक पहुंच गया था, लेकिन दुर्बलता के चलते वह दीवार के ऊपर नहीं पहुंच सका था, लेकिन अब यदि कोई कैदी दीवार के ऊपर भी पहुंच गया तो उसे 11 हजार वोल्ट का सामना करना पड़ेगा।

प्रदेश की 17 जेलों पर की जा रही है तार फैंसिंग :

इलेक्ट्रिकल तार फैंसिंग प्रदेश की सभी सेन्ट्रल जेल के अलावा कुछ जिला जेलों पर लगाई जा रही है। तार फैंसिंग प्रदेश की कुल 17 जेलों में की जा रही है। निकट भविष्य में इलेक्ट्रिक तार फैंसिंग प्रदेश की प्रत्येक जेल की दीवारों पर लगाई जाएगी।

इनका कहना :

जेल की दीवारों पर इलेक्ट्रिक तार फैंसिंग का काम किया जा रहा है। यह काम करीब 80 प्रतिशत हो चुका है। जल्द ही काम पूर्ण हो जाएगा। तार फैंसिंग की वजह से जेल की सुरक्षा और भी अधिक मजबूत हो जाएगी।

मनोज साहू, जेल अधीक्षक

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