इन्दौर : आईल कंपनी का ईमेल हैक कर 14.33 लाख का धोखा

इन्दौर, मध्य प्रदेश : यूपी की गैंग में शामिल महिला सहित चार गिरफ्तार। महिला का खाता खंगाला तो खुल गया गैंग का राज।
इन्दौर : आईल कंपनी का ईमेल हैक कर 14.33 लाख का धोखा
आईल कंपनी का ईमेल हैक कर 14.33 लाख का धोखाSocial Media

इन्दौर, मध्य प्रदेश। शहर की आइल कम्पनी का ई-मेल आइडी हैक कर चैन्नई, तमिलनाडु के क्लाइन्ट से गोरखपुर, यूपी के खाते में लगभग साढे तेरह लाख रूपये ठगने वाले अंतरराज्यीय गैंग को स्टेट सायबर सेल ने बंदी बनाया है। इस गैंग में एक महिला भी शामिल है, उसके दो आधार कार्ड भी जब्त किए गए हैं। चार आरोपियों को बंदी बनाया गया है। इनके नाम सायदा बेगम पत्नी अब्दुल सत्तार,परवेज अहमद पुत्र हसन अहमद ,ग्यासुद्दीन खान उर्फ सानू पुत्र कमालुद्दीन खान,आशीष जायसवाल पुत्र राधेश्याम जायसवाल ये सभी आरोपी गोरखपुर के रहने वाले इनसे पूछताछ में कई अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। इनसे 6 आधार कार्ड जिसमें सायदा बेगम के दो आधार कार्ड अलग-अलग पते वाले ,एक पैन कार्ड,एक एटीएम,6 मोबाइल और 7 हजार रुपए नकदी जब्त किए गए हैं। गैंग के तार नाइजीरियन गिरोह से जुड़े हुए हैं। शिकायत की जांच में महिला के खाते में 13 लाख रुपए से ज्यादा ट्रांसफर करने की बात पता चली उसके बाद यूपी की इस शातिर महिला को गिरफ्तार किया उसके बाद तो गैंग का पूरा राज सामने आ गया।

स्टेट सायबर सेल एसपी जितेन्द्र सिंह ने बताया 27 जुलाई 2020 को आवेदक राजकुमार पटेल निवासी न्यू पलासिया द्वारा विस्कस ऑइल कम्पनी की आफिशियल ई-मेल आईडी किसी अनजान व्यक्ति द्वारा छेडछाड कर एवं दुरूपयोग कर उनके ग्राहको को मेल करने के संबंध में शिकायत दर्ज करवायी गई थी। जांच के बाद स्टेट सायबर सेल ने धारा 419,420 एवं आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी। विवेचना के लिए टीम गठित की गई। दौराने विवेचना संदिग्ध बैंक खातों की प्राप्त जानकारी में गोरखपुर ,यूपी के नाम पते से रजिस्टर्ड होना पाया गया। जिसके नाम पते की तस्दीक हेतु एक टीम को गोरखपुर यूपी रवाना किया गया। टीम ने एसटीएफ गोरखपुर के साथ मिलकर आरोपीगणों के आये हुए नाम पते फर्जी पाये जाने से तकनीकी विश्लेषण उपरान्त फरियादी के ईमेल आइडी हैक करने के पश्चात आरोपीगणों द्वारा दिये गये बैंक खाते में 13 लाख 44 हजार 320रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर हुए थे। आरोपियां सैयदा बेगम जो लगातार जगह बदलकर छका रही थी, को गोरखपुर यूपी की महिला पुलिस की मदद से कडी मेहनत कर रेकी कर पकडा गया। पूछताछ में आरोपियां ने अपना जुर्म कबूल करने पर वारदात में शामिल अन्य आरोपीगणों के नाम पते बताये गये। उसके बाद स्टेट सायबर सेल इंदौर की टीम ने एसटीएफ टीम के साथ मिलकर आरोपीगण परवेज अहमद, ग्यासुद्दीन खान उर्फ सानू एवं आशीष जायसवाल को पकडकर पूछताछ करते जुर्म स्वीकार करने पर गिरफ्तार किया गया।

दो साल से जुड़े हैं नाइजीरियन गैंग से :

आरोपी आशीष जायसवाल ने बताया कि पिछले दो सालों से गोरखपुर के अन्य युवको के साथ मिलकर यूपी में ही फर्जी नाम पते से विभिन्न बैंकों में खाता खुलवाकर नाइजीरियन गैंग को बैंक खाते की जानकारी दे देते थे। उसके बाद नाइजीरियन गैंग द्वारा बताया जाता था कि अकाउण्ट में रूपये आ गये हैं जाकर निकाल लो उसके बाद आरोपी रूपये निकाल कर अपना हिस्सा रखकर नाइजीरियन गैंग को कमीशन दे देते थे। आरोपियां सायदा बेगम के मुताबिक उसका आधार कार्ड लेकर उसके साथीगणों ने उसके आधार कार्ड का पता एडिटिंग कर केनरा बैंक एवं अन्य बैंको में आरोपियां के नाम से 6 बैंक खाते खुलवाये थे। बैंक खातों के पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर आरोपीगण परवेज अहमद, ग्यासुद्दीन खान उर्फ सानू एवं आशीष जायसवाल के पास रहते है। आरोपीगणों द्वारा इसी तरह की कई वारदातें स्वीकार की हैं। यूपी में भी गैंग ने कई वारदातें की हैं, इन वारदातों में ये जमानत पर हैं। उक्त प्रकरण की विवेचना में इंस्पेक्टर अम्बरीश मिश्रा,रामपाल, रामप्रकाश बाजपेई, रमेश भिडे, विशाल महाजन, आशीष शुक्ला, गजेन्द्रसिंह राठौर, विजय बडोदकर, विनिता त्रिपाठी, निशा मिश्रा एवं रवि की सराहनीय भूमिका रही।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

Raj Express
www.rajexpress.co