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छतरपुर: सगे चाचा ने दो मासूमों की छीन ली आबरू
छतरपुर: सगे चाचा ने दो मासूमों की छीन ली आबरू|Pankaj Yadav
मध्य प्रदेश

छतरपुर: सगे चाचा ने दो मासूमों की छीन ली आबरू

छतरपुर, मध्य प्रदेश : समाज किस ओर जा रहा है यह विचार करना होगा। एक सगा चाचा दो मासूम भतीजियों की आबरू छीन लेगा इसकी कल्पना नहीं की जा सकती, मगर ऐसा हुआ है।

Pankaj Yadav

राज एक्सप्रेस। समाज किस ओर जा रहा है यह विचार करना होगा। एक सगा चाचा दो मासूम भतीजियों की आबरू छीन लेगा इसकी कल्पना नहीं की जा सकती, मगर ऐसा हुआ है। सगा चाचा अपने ही बड़े भाई की दो बेटियों के साथ काफी समय से दुष्कर्म करता रहा। किसी को बताने पर छोटे भाई को जान से मार देने की धमकी मिलने के कारण मासूमों ने अपना मुंह बंद रखा। जैसे तैसे आंगनवाड़ी में यह बात पहुंची और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा 1098 में शिकायत की गई तब कहीं जाकर मासूमों को न्याय मिल सका।

पुलिस ने मासूमों की आबरू छीनने वाले चाचा को दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है। महाराजपुर थाना प्रभारी निरीक्षक याकूब खान ने बताया कि आंगनवाड़ी के माध्यम से टोल फ्री नंबर 1098 तक शिकायत पहुंचाई गई थी कि दो मासूम बेटियों की आबरू उसके ही सगे चाचा ने छीन ली है। शिकायत को सीडब्ल्यूसी टीम तक पहुंचाया गया। सीडब्ल्यूसी टीम की सदस्य माया सिंह एवं वन स्टॉप सेंटर की प्राची सिंह के नेतृत्व में टीम मनकारी पहुंची और दोनों लड़कियों से मिलकर पंचनामा बनाया तथा लड़कियों को अपने साथ छतरपुर ले आईं। यहां उनकी काउंसलिंग की और जब टीम को यह ज्ञात हो गया कि मासूमों के साथ जुल्म हुआ है तो उन्होंने इस पूरे मामले को थाने के हवाले कर दिया।

आरोपी उमेश अहिरवार पुत्र बालकिशन अहिरवार 28 वर्ष के खिलाफ दुष्कर्म और पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश किया गया है जहां से जेल भेज दिया गया।

टीआई श्री खान

मां की हो चुकी मौत, पिता डूबा रहता है शराब में कहते हैं कि परिवार को संभालने में महिला की बहुत बड़ी भूमिका होती है। बच्चों की परवरिश बिना मां के पूरी नहीं होती। 9 तथा 12 वर्ष की दो मासूम बेटियों की मां 7-8 वर्ष पहले दुनिया छोड़कर चली गई थी। बच्चियों का पिता दिन भर शराब में डूबा रहता है इसलिए उसे अपने बच्चों की फिक्र भी नहीं रहती। टीआई श्री खान ने बताया कि दादा-दादी के संरक्षण में दो मासूम बेटियों और छोटे भाई का पालन-पोषण हो रहा था। पिता शराब में डूबा है और दादा-दादी काम के सिलसिले में घर से निकल गए तो इसी समय का फायदा उठाकर दरिंदे उमेश अहिरवार द्वारा दोनों मासूम बच्चियों को हवस का शिकार बना लिया जाता था।