खत्म हुआ जिले के 13 निकाय अध्यक्षों का कार्यकाल
खत्म हुआ जिले के 13 निकाय अध्यक्षों का कार्यकाल| Pankaj Yadav
मध्य प्रदेश

राज्य सरकार जल्द कर सकती है निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति

छतरपुर जिले के 15 नगर निकायों में से 13 नगर निकायों के चुने हुए अध्यक्षों का कार्यकाल 9 जनवरी को पूरा हो गया है।

Pankaj Yadav

राज एक्सप्रेस। छतरपुर जिले के 15 नगर निकायों में से 13 नगर निकायों के चुने हुए अध्यक्षों का कार्यकाल 9 जनवरी को पूरा हो गया है। अब इन नगर निकायों में सीएमओ ही सभी विकास कार्यों को तब तक नेतृत्व प्रदान करेंगे जब तक कि, राज्य सरकार इन नगर निकायों के संचालन के लिए प्रशासकों की नियुक्ति नहीं कर देती। संभव है कि राज्य सरकार एक-दो दिन में नगर परिषदों के लिए संबंधित तहसीलदारों को एवं नगर पालिकाओं के लिए संबंधित एसडीएम को प्रशासक नियुक्त कर सकती है।

नगरीय विकास अभिकरण अधिकारी निरंकार पाठक ने बताया-

8 जनवरी को चुने हुए अध्यक्षों की शपथ के हिसाब से इनका 5 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होता है। 9 जनवरी 2015 को छतरपुर जिले के 13 नगर निकायों छतरपुर नगर पालिका, महाराजपुर नगर पालिका, नौगांव नगर पालिका, गढ़ीमलहरा, लवकुशनगर, चंदला, बारीगढ़, राजनगर, खजुराहो, बिजावर, बड़ामलहरा, हरपालपुर, बक्स्वाहा नगर परिषद का प्रथम सम्मेलन हुआ था इस हिसाब से इस परिषद का पांच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है। शेष दो नगर निकाय सटई नगर परिषद का कार्यकाल 27 जनवरी 2020 को पूरा होगा जबकि घुवारा नगर परिषद का कार्यकाल 11 सितम्बर 2020 को पूरा होगा।

नगर के विकास कार्य तेजी से कराए जाएंगे: सीएमओ

नौगांव नगर पालिका परिषद का कार्यकाल गुरुवार को खत्म हुआ और पौष माह भी खत्म हुआ। भारतीय संस्कृति में माघ माह अच्छे कार्यों के लिये जाना जाता है। आगामी नगर पालिका का नया गठन होने तक अब सारे अधिकार स्थानीय प्रशासक और सीएमओ के पास रहेंगे। अभी तक जनता के चुने हुये 20 जनप्रतिनिधि और अध्यक्ष नगर के विकास का दायित्व संभालते थे लेकिन अब प्रशासनिक अमला इस जिम्मेदारी को निर्वाह करेगा। सीएमओ बसंत चतुर्वेदी ने कहा कि, नगर के विकास कार्य बाधित नहीं होंगे, तेजी से कार्य कराए जाएंगे।

कुछ खट्टे मीठे अनुभवों के लिये याद की जायेगी परिषद

परिषद का कार्यकाल यादगार रहा। यह पहला मौका था जब नगर पालिका में भाजपा का अध्यक्ष बना था। प्रदेश में उस समय बीजेपी की सरकार थी और केंद्र में भी। पार्टी की सरकार होने के कारण यहां के लोगों ने उम्मीद जताई थी कि नौगांव के खाते में विकास की कई सौगातें आएंगी लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका।

हालांकि डिवाईडर, मुख्यमंत्री पेयजल योजना, गर्रोली धसान परियोजना में एनीकट बनाए जाने जैसे कार्य किए गए हैं। अल्पवर्षा के कारण एनीकट का क्षेत्र सूखा होने की वजह से सवाल भी उठे थे कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद शहर प्यासा है। पाइपलाइन में मनमानी की गई उसका भी रोना वर्षों तक रोया गया। नगर में नई पानी की टंकी और पेयजल आपूर्ति बहाल हुई तो लोगों में खुशी भी आई है। सुजारा बांध तैयार होने से इसका लाभ क्षेत्र को मिल रहा है।

मेला महोत्सव की जगह को ठेके पर देने का विरोध होने के बावजूद परिषद के अच्छे कार्यों के कारण जनता के बीच उसकी वाह-वाही भी हुई है। साढ़े 4 साल बाद नए सीएमओ के आने से जो विकास और सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव पारित हुए वे सराहनीय हैं और 5-6 माह में जो काम हुए उनकी भी प्रशंसा हो रही है। हालांकि कांग्रेसी इसका श्रेय अपनी सरकार और सीएमओ को दे रहे हैं।

फरवरी में अध्यक्ष के आरक्षण की प्रक्रिया होगी इसके बाद जब चुनाव होंगे तभी जनप्रतिनिधियों के मन मुताबिक कार्य शुरु होंगे। अध्यक्ष सहित परिषद को दी गई भावभीनी विदाई बिजावर नगर परिषद का कार्यकाल 5 बरस पूरा होने के बाद नगर परिषद कार्यालय प्रांगण में बिदाई समारोह आयोजित किया गया। नगर परिषद अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता एवं 15 वार्डो के पार्षद का कार्यकाल समाप्त होने पर नगर परिषद के सीएमओ विजय शंकर त्रिवेदी के द्वारा उन्हें शाल-श्रीफल भेंट कर विदाई दी गई ।

इस विदाई समारोह में तहसील के एसडीएम डीपी द्विवेदी, तहसीलदार राकेश शुक्ला सहित परिषद के कर्मचारी अधिकारी उपस्थित रहे। भूपेंद्र गुप्ता ने नगर परिषद के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग पर आभार जताया। इस कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम का आभार नगर परिषद के सीएमओ विजय शंकर त्रिवेदी द्वारा किया गया।

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