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खोखले निकले चिकित्सा विभाग के दावे
खोखले निकले चिकित्सा विभाग के दावे|Shubham Tiwari
मध्य प्रदेश

चिकित्सा विभाग के दावे बेबुनियाद, तंत्र-मंत्र में पड़े गांव वाले

उमरिया, मध्यप्रदेश : जिले के कई गांव चिकन पॉक्स नामक बीमारी की चपेट में। तेजी से फैल रही बीमारी से स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से बेखबर है।

Shubham Tiwari

राज एक्सप्रेस। उमरिया जिले के कई गांव चिकन पॉक्स नामक बीमारी की चपेट में हैं। तेजी से फैल रही बीमारी से स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से बेखबर है, वहीं ग्रामीण इसे दैवीय प्रकोप मान देवी-देवताओं सहित तंत्र-मंत्र वाले बाबाओं की शरण में जाते दिख रहे हैं।

चिकित्सा विभाग द्वारा चेचक जैसी बीमारियों के लिए अलग से विभाग भी बनाया गया है, जिनके माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान और टीके व दवाईयां बांटने के लिए शिविर भी लगाये जाते रहे हैं। विभाग से जुड़े अधिकारी इस बात का दावा भी करते हैं कि उन्होंने आदिवासी ग्रामों में चेचक को जड़ से मिटाने के लिए दर्जनों आयोजन भी किए हैं और लाखों खर्च भी किये, लेकिन बडख़ेरा में चेचक के ताण्डव ने इन अधिकारियों के ढोल की पोल खोलकर रख दी।

बढ़ रहा प्रकोप

मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर ग्राम बडख़ेरा में चेचक का कहर फैला हुआ है, चिकित्सा अमला स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे तो कर रहा है, लेकिन लगातार बढ़ रहे प्रकोप ने 40 प्रतिशत आबादी को चपेट में ले लिया है, जागरूकता के आभाव में ग्रामीण मौत की ओर बढ़ रहे हैं और अधिकारी भ्रष्टाचार की चादर ओढ़े कागजी कोरम पूरा कर रहे हैं।

तंत्र-मंत्र का सहारा

जिला मुख्यालय उमरिया से 50 किलोमीटर दूर ताला बडख़ेरा गांव में चालीस फीसदी घरों में चिकन पॉक्स यानि चेचक की बीमारी ने ऐसा कहर बरपाया है कि लोग बिस्तर से नहीं उठ पा रहे, बीमारी का सबसे ज्यादा असर बच्चों में देखा गया, जिनके पूरे शरीर के साथ-साथ चेहरे में फोड़े पड़े है, हालात इतने खराब हैं कि बच्चों की आंखे नही खुलती और पूरा दिन बिस्तर में गुजरता है, हैरानी की बात तो यह है गांव के लोगों में बीमारी को लेकर दैवीय प्रकोप की आशंका घर की हुई है लिहाजा बच्चों का इलाज कराने की बजाय लोग देवी मंदिरों में जल चढ़ाकर मातारानी को मनाने में जुटे हैं ।

कोसो दूर स्वास्थ्य महकमा

चेचक की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गांव के ज्यादातर बच्चे रोग की चपेट में है, जिस कारण वे विद्यालय नहीं जा रहे हैं, बाकी बच्चों के अभिभावकों ने इसे दैवीय प्रकोप मानते हुए बच्चों का स्कूल जाना बंद करा दिया है, लिहाजा स्कूल भी सूने पड़े हैं, गांव के जागरूक लोग स्वास्थ्य महकमे को कोस रहे हैं जो कि सूचना के बाद गांव तो पँहुचे लेकिन सिर्फ खानापूर्ति करके वापस लौट गये।

सतर्कता की सलाह

जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रदेश की राजधानी में हैं और जिला टीकाकरण अधिकारी सूचना के बाद गांव के दौरे पर गये थे, उनकी मानें तो चिकन पॉक्स के साथ-साथ पीड़ितों में खसरा के लक्षण मिले हैं, जिनके सेम्पल लेकर जांच के लिए भेजने के साथ ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

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