मुख्यमंत्री कमलनाथ
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मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री कमलनाथ जा सकते हैं बेंगलुरु, येडियुरप्‍पा को किया फ़ोन

मप्र सियासत के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ जा सकते हैं बेंगलुरु, कर्नाटक सीएम येडियुरप्‍पा और गृहमंत्री शाह को किया फ़ोन।

Aditya Shrivastava

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश सत्ता के संघर्ष में राजनीतिक घटना क्रम जारी है। अब फ्लोर टेस्ट पर सस्पेंस जारी है। इसी बीच आज यानि बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ सरकार के कुछ मंत्री बेंगलुरु पहुंच गए। लेकिन कर्नाटक पुलिस ने उन्हें रमादा होटल के बाहर ही रोक दिया। इसके बाद सभी कांग्रेस नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया समेत करीब 10 कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया था।

जिसके बाद मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने मीडिया से चर्चा कर कहा कि जरूरत पड़ी तो मैं भी बेंगलुरु जा सकता हूँ। सीएम कमलनाथ कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार करने के विरोध और बंद विधायकों से मुलाकात के लिए बेंगलुरु जा सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री येडियुरप्‍पा से मिलने का समय मांगने के लिए फ़ोन लगाया पर बात नहीं हो पाई।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि तीन बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री येडियुरप्‍पा जी को फ़ोन लगाया पर वो फ़ोन पर नहीं आ रहे है। गृहमंत्री अमित शाह को फ़ोन लगाया परन्तु वो भी फ़ोन नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं खुद कर्नाटक जाना चाह रहा हूँ, पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री से बात नहीं हो पा रही है। ऐसे में क्या समझा जाये, हमारे विधायकों को बंधक बनाकर रखा है?

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि बैंगलोर में भाजपा द्वारा बंधक बनाये गये कांग्रेस विधायकों से मिलने गये कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह व कांग्रेस के मंत्रियो, विधायकों को मिलने से रोकना, उनसे अभद्र व्यवहार करना, उन्हें बलपूर्वक हिरासत में लेना पूरी तरह से तानाशाही व हिटलर शाही है। पूरा देश आज देख रहा है कि एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिये किस प्रकार से भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की जा रही है। क्यों विधायकों से मिलने नहीं दिया जा रहा है , आख़िर किस बात का डर भाजपा को है? भाजपा द्वारा एक गंदा खेल प्रदेश में खेला जा रहा है।

लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मूल्यों व अधिकारों का दमन किया जा रहा है। हमारे हिरासत में लिये गये नेताओं को शीघ्र रिहा किया जावे और बंधक विधायकों से मिलने की इजाज़त दी जाये। ना अभी भाजपा के पास बहुमत है, ना शिवराज सिंह को भाजपा विधायक दल ने अपना नेता चुना है, ना भाजपा की सरकार बनी है, ना कभी बनेगी लेकिन शिवराज सिंह चौहान की मुख्यमंत्री बनने के लिये हड़बड़ाहट, बैचेनी पूरा प्रदेश देख रहा है। किस प्रकार सत्ता के लिये वे बैचेन हो रहे हैं। उन्हें नींद नहीं आ रही है, दिन में भी मुख्यमंत्री पद के सपने देख रहे हैं। अधिकारियों को धमका रहे हैं। उनकी स्थिति पर मुझे तरस आ रहा है।

वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि, कमलनाथ जी पूरा देश देख रहा है कि पिछले 3-4 दिनों में कैसे आपने संवैधानिक नियुक्तियां असंवैधानिक तरीकों से की हैं। रातों रात चीफ सेक्रेटरी बदले जा रहे हैं, आधी रात को चीफ सेक्रेट्री को चार्ज दिलाया जा रहा है। किस बात का डर है आपको जब आपकी सरकार के पास बहुमत है ?

कमलनाथ जी एक कहावत तो सुनी ही होगी आपने - "जिनके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते" आपकी सरकार आपकी अपने विधायकों के प्रति असंवेदनशीलता, जनता से किये गए वादों को पूरा ना करने एवं आपसी कलह की वजह से अल्पमत में है, भाजपा की वजह से नहीं।

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