भोपाल : मुख्यमंत्री ने कहा मास्क ही है कोरोना से बचाव का वैक्सीन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मिंटो हाल में चिकित्सा क्षेत्र के कोरोना योद्धाओं के सेवा सम्मान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कोरोना से बचाव के उपायों को अपनाने का जनता से आग्रह किया।
भोपाल : मुख्यमंत्री ने कहा मास्क ही है कोरोना से बचाव का वैक्सीन
कोरोना योद्धाओं के सम्मान कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्रीSocial Media

भोपाल, मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क ही एक तरह की वैक्सीन है। प्रत्येक व्यक्ति अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करे। यह बचाव का बहुत बड़ा अस्त्र है। श्री चौहान सोमवार को मिंटो हाल में चिकित्सा क्षेत्र के कोरोना योद्धाओं के सेवा सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने आह्वान किया कि मास्क के अलावा बार-बार साबुन से हाथ धोने या सैनेटाइज करने की आदत भी कोरोना से बचाने में काफी मददगार है। इसे हर नागरिक जरूर अपनाए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस दुनिया के सामने एक नई चुनौती है। बीमारी के स्वरूप, प्रभाव और इलाज का कुछ पता नहीं। इसकी घातकता से संपूर्ण विश्व दहशत में है। ऐसे में चिकित्सा अमले ने जिस साहस, धैर्य और जीवन को जोखिम में डालकर समर्पण से कार्य किया तथा लोगों का विश्वास टूटने नहीं दिया, वह मानवता के इतिहास में अभूतपूर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आठ करोड़ जनता की ओर से सभी डॉक्टर्स तथा पैरामेडिकल स्टाफ का अभिनंदन कर आभार माना। उन्होंने इस समर्पण की तुलना दधीचि के प्रसंग से करते हुए कहा कि संकटकाल में मेडिकल अमले की भूमिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना सरकार और समाज का कर्तव्य है। श्री चौहान ने कहा कि वित्तीय संकट अवश्य है, पर कोरोना के विरुद्ध युद्ध में किसी भी तरह के संसाधनों और धन की कमी नहीं होने दी गई। डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता हो या उपकरणों व सामग्री की व्यवस्था, आपूर्ति का क्रम निरंतर जारी रहेगा। नये मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की ओर हम निरंतर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि हर कदम और परिस्थिति में सरकार कोरोना योद्धाओं के साथ है।

आपदा में भी बनेगा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश :

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता के परिणामस्वरूप कोरोना महामारी के संकट का देश ने सूझबूझ के साथ सामना किया। लॉकडाउन के परिणामस्वरूप व्यवस्थाओं को बनाए रखने में मदद मिली। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस आपदा को अवसर में बदलने का आह्वान किया। कोरोना के विरुद्ध यह लड़ाई लंबी अवश्य है पर हमारी रणनीति सटीक है। धैर्य, हिम्मत, सावधानी के साथ मन में उत्साह लिए हम निरंतर प्रयासरत रहेंगे और इस आपदा में भी आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की ओर लगातार अग्रसर होते रहेंगे। श्री चौहान ने इस अवसर पर कोविड-19 महामारी काल में योगदान देने वाले चिकित्सा क्षेत्र के कोरोना योद्धाओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान की ओर से समस्त चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को सेवा सम्मान और डिजिटल प्रशस्ति प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

एक लाख लोगों ने दी कोरोना को मात : डॉ. चौधरी

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लगभग प्रतिदिन कोरोना की समीक्षा कर निरंतर स्थिति की निगरानी के साथ-साथ चिकित्सा अमले का उत्साहवर्धन भी किया है। प्रदेश में कोरोना से प्रभावित एक लाख 24 हजार व्यक्तियों में से एक लाख लोग पूर्णत: स्वस्थ हो गए। यह बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि जांच और संसाधनों की क्षमता वृद्धि की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं। प्रदेश में टेस्टिंग क्षमता एक दिन में तीस हजार तक बढ़ाई जा चुकी है। वर्तमान में 716 फीवर क्लीनिक संचालित हैं।

डॉक्टर में लोगकों की जान बचाने की क्षमता : सारंग

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मध्यप्रदेश गान की प्रथम पंक्ति'सुख का दाता दु:ख का साथी' को चरितार्थ किया है। उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति और प्रयासों के कारण ही प्रदेश में आज कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टाफ का आभार मानते हुए कहा कि भगवान ने सर्वाधिक भाग्यशाली डॉक्टरों को बनाया है क्योंकि डॉक्टर में लोगों की जान बचाने की क्षमता है। पीड़ित मानवता की सेवा से मिलने वाला सुख सर्वाधिक डॉक्टरों के भाग्य में ही है।

शिवराज सिंह ने की कोरोना योद्धाओं से बातचीत

भय दूर करना सबसे बड़ी चुनौती : डॉ. जैन

सागर में सहायक प्राध्यापक मेडिसिन डॉ. मनीष जैन ने मुख्यमंत्री को बताया कि टीम को मोटिवेट करना और भय दूर करना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसके लिए हमारे सीनियर्स और मैंने स्वयं पहल और हिम्मत कर मरीजों के वार्ड में जाना शुरू किया। इससे टीम वर्क में काम शुरू हुआ। डॉ. जैन ने बताया कि मरीजों का मनोवल बनाए रखना भी बड़ी चुनौती थी। अत: वीडियो कालिंग व्यवस्था आरंभ कर इस दिशा में प्रयास किया।

मैं छह माह आइसोलेट हूं : डॉ. मिश्रा

मुख्यमंत्री ने भिंड के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजीत मिश्रा से पूछा की घर वाले कोरोना से डरकर यह तो नहीं कहते कि छोड़ो-छाड़ो डॉक्टरी-कुछ और कर लेना। इस पर डॉ. मिश्रा ने बताया कि घर पर वृद्धजनों की बीमारी के प्रति संवेदनशीलता और उन्हें संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए मैंने स्वयं छह माह से स्वयं को घर में आइसोलेट किया हुआ है।

जल्द ही जीतेंगे कोराना से : कुमारी अंशुल

कुमारी अंशुल मिश्रा इंदौर में एपीडिमियोलॉजिस्ट हैं। कोविड के आंकड़ों का विश्लेषण तथा राज्य व राष्ट्रीयस्तर पर रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी उनकी है। मुख्यमंत्री ने कुमारी अंशुल से पूछा की डाटा देखकर मन में क्या भाव आता है। अंशुल ने कहा कि अध्ययन के दौरान महामारियों के बारे में पड़ा अवश्य था पर महामारी से डील करने का यह पहला अनुभव है। मुख्यमंत्री के यह पूछने पर कि अब क्या संकल्प है मन में। अंशुल ने कहा कि-जल्द ही जीतेंगे कोरोना से।

हम बचेंगे तभी दूसरों को बचा पाएंगे : जयश्री

मरीज के सबसे अधिक निकट संपर्क में तो नर्सिंग स्टाफ ही आता है। ऐसे में कोरोना मरीजों के इलाज में डर नहीं लगा। मुख्यमंत्री ने यह बात इंदौर की नर्स सुश्री जयश्री कुलकर्णी से पूछी। जयश्री ने कहा कि पूरी सावधानी, हिम्मत और अपनी सकारात्मकता बनाए रखते हुए इलाज किया। हमें ही तो मरीजों का डर दूर करना था। मैंने योगा, प्रणायाम और पौष्टिक भोजन पर विशेष ध्यान रखा क्योंकि हम बचेंगे तभी दूसरों को बचा पाएंगे।

एक दिन में किए 2900 टेस्ट : बाथम

दीपक बाथम गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय में लैब अस्सिटेंट हैं। इन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले प्रतिदिन केवल 60-70 सेंपल टेस्ट कर पाते थे। अब दो हजार से बाइस सौ टेस्ट रोज हो रहे हैं। दीपक ने बताया कि उन्होंने अधिकतम एक दिन में 2900 टेस्ट किए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दीपक से कहा कि आवश्यक सावधानियों का पालन जरूर करें।

मोर्चे पर डटे रहने से ही होगी जीत : डॉ. दवे

गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के डॉ. लोकेंद्र दवे ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि सभी चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ समर्पित भाव से निरंतर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध और समर्पित हैं। डॉ. दवे ने कहा कि कोरोना के विरुद्ध लड़ाई लंबी जरूर है पर योजनाबद्ध तरीके से मोर्चे पर डटे रहने से जीत हासिल होगी। कार्यक्रम को चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत वरवड़े ने भी संबोधित किया।

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