प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर|Pixabay
मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश: 6 से 11 जनवरी तक मनाया जाएगा 'बाल संरक्षण सप्ताह'

बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए प्रदेश भर में मनाया जाएगा बाल संरक्षण सप्ताह। 6 से 11 जनवरी के बीच विभिन्न कार्यक्रमों के ज़रिए होंगी बच्चों की बातें।

प्रज्ञा

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राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश शासन 6 से 11 जनवरी तक 'बाल संरक्षण सप्ताह' मनाने जा रहा है। राज्य प्रशासन ने आम जनमानस में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए प्रदेश भर में यह सप्ताह मनाने का निर्णय लिया है। महिला-बाल विकास आयुक्त नरेश पाल कुमार ने तमाम जिला कलेक्टर्स को इस बारे में विस्तृत निर्देश जारी किये हैं। मध्यप्रदेश जनसम्पर्क विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यशाला:

बाल संरक्षण सप्ताह के पहले दिन (6 जनवरी को) विकासखण्ड तथा जिला स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें लोगों को बाल संरक्षण से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जायेगा।

संस्था सम्पर्क अभियान:

सप्ताह के दूसरे दिन(7 जनवरी को) कलेक्टर्स द्वारा 'संस्था सम्पर्क अभियान' आयोजित होगा, जिसमें प्रत्येक संस्था के लिए दल गठित किया जायेगा। इन दलों में शामिल महिला-बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी प्रत्येक संस्था का निरीक्षण करेंगे।

दल के अधिकारी अपने विभाग से सम्बन्धित विषयों पर संस्था की गतिविधियों की रिपोर्ट अलग-अलग तैयार करेंगे। ये दल संस्था में व्याप्त समस्याओं, अनियमितताओं और उसके निराकरण के सुझाव तथा कार्यवाही की रिपोर्ट देंगे। संस्था परिसर की स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू के अनुसार भोजन प्रदान करने की व्यवस्था तथा बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।

दल द्वारा बच्चों से अधीक्षक की अनुपस्थिति में चर्चा कर वस्तु-स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। साथ ही संस्था के प्रत्येक बच्चे का आई.सी.पी. (इन्डीविजुअल केयर प्लान) भी बनाया जायेगा।

जागरूकता रैली:

बाल संरक्षण सप्ताह के तीसरे दिन जिला और विकासखण्ड स्तर पर जागरूकता रैली निकाली जाएगी। इसमें किशोर न्याय अधिनियम, पाक्सो, श्रम, बाल-विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी, नारे आदि को पोस्टर, बैनर और आडियो-विडियो के माध्यम से प्रदर्शित किया जायेगा।

बाल-चौपाल:

सप्ताह के चौथे दिन ग्राम और वार्ड स्तर पर बाल-चौपालों का आयोजन किया जाएगा। इसमें आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के संरक्षण सम्बन्धी प्रावधानों से आमजन को अवगत कराया जायेगा।

बाल-अधिकारों की कक्षा:

सप्ताह के पाँचवे दिन स्‍कूलों में बाल-अधिकारों से सम्बन्धित विशेष कक्षाओं का आयोजन होगा। इन कक्षाओं में पाक्सो अधिनियम तथा सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। साथ ही, संस्था में निवासरत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जायेगा।

खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ:

सप्ताह के सातवें और आखरी दिन जिले की प्रत्येक संस्था में स्थानीय स्तर पर खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। साथ ही संस्था में निवासरत बच्चों को विशेष किशोर पुलिस ईकाई, पुलिस थानों, पिकनिक स्पॉट, बगीचों का भ्रमण भी कराया जायेगा।

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