भोपाल में 9 के करीब और इंदौर में 9 फीसदी से अधिक पॉजिटिविटी दर
भोपाल में 9 के करीब और इंदौर में 9 फीसदी से अधिक पॉजिटिविटी दरSocial Media

भोपाल में 9 के करीब और इंदौर में 9 फीसदी से अधिक पॉजिटिविटी दर

भोपाल, मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि इंदौर और भोपाल में सबसे अधिक पॉजिटिविटी दर है। इंदौर में 9 फीसदी से अधिक तो भोपाल में 9 फीसदी के करीब पॉजिटिविटी दर है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि इंदौर और भोपाल में सबसे अधिक पॉजिटिविटी दर है। इंदौर में 9 फीसदी से अधिक तो भोपाल में 9 फीसदी के करीब पॉजिटिविटी दर है। लगभग सभी जगह कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जहां केस तेजी से बढ़ रहे हैं, उनके प्रभारी अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए।

यह निर्देश मुख्यमंत्री चौहान ने मंगलवार को मंत्रालय में कोरोना नियंत्रण एवं उपचार की व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना के मरीजों को सीधे अस्पतालों में ना ले जाकर कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाए, जिससे अस्पतालों में अन्य बीमारियों का इलाज सुचारू रूप से चलता रहे। कोविड केयर सेंटर्स की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहें। जहां कोविड केयर सेंटर चालू नहीं हुए हैं, वहां शीघ्रता से चालू कराएं। मुख्यमंत्री ने सीहोर जिले के प्रभारी अधिकारी जॉन किंग्सली को सीहोर में सभी छोटे-छोटे कोविड केयर सेंटर चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बुधनी में 300 बिस्तर के कोविड-19 सेंटर की स्थिति तुरंत देखने के निर्देश दिए।

होम आइसोलेशन में मरीजों से बातचीत जारी रखें :

मुख्यमंत्री ने कहा कि होम आइसोलेशन के मरीजों से बातचीत होती रहे। उन्हें विभिन्न प्रकार की सावधानियां रखने की समझाइश दी जाए। आइसोलेशन की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने होम आइसोलेशन के लिए प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल को आवश्यक व्यवस्थाओं संबंधी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 से 18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण 15 जनवरी तक पूरा कर लिया जाए।

तुलनात्मक जानकारी के आधार पर व्यवस्थाएं बनाएं :

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के बढ़ते हुए केसेस को देखते हुए तुलनात्मक जानकारी तैयार करें। कल कितने केस थे और आज कितने केस हैं तथा एक महीने के बाद कितने केस होंगे, की जानकारी तैयार करें। इसके आधार पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बनाई जाना सुनिश्चित करें। अस्पताल पूरी तरह तैयार रखे जाएं। उन्होंने दमोह जिले के प्रभारी अधिकारी विवेक पोरवाल से बातचीत की। उन्होंने छतरपुर, बैतूल, टीकमगढ़, खरगौन के प्रभारी अधिकारियों से भी जानकारी प्राप्त की।

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