CM ने किसानों को फसल बीमा योजना की राशि के अंतरण के प्रमाण पत्र किए वितरित

उज्जैन, मध्यप्रदेश : आज मुख्यमंत्री शिवराज ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2019 में खराब हुई फसलों की बीमा राशि किसानों को प्रदान की है।
CM ने किसानों को फसल बीमा योजना की राशि के अंतरण के प्रमाण पत्र किए वितरित
फसल बीमा योजना की राशिSocial Media

उज्जैन, मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के उज्जैन आज मुख्यमंत्री शिवराज ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2019 में खराब हुई फसलों की बीमा राशि किसानों को प्रदान की है। बता दे कि "प्रधानमंत्री फसल बीमा" की राशि को मुख्यमंत्री शिवराज ने एक क्लिक के जरिए प्रदेश के 22 लाख किसानों के खातों में 4686 करोड़ रुपए जमा करवा दिए। उज्जैन से किसानों के खातों में फसल बीमा की राशि का ई-अंतरण किया, जिले के 1 लाख 44 हजार 123 किसानों के खातों में 868 करोड़ रुपए डाले गए है।

मुख्यमंत्री शिवराज ने कमलनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि कि 2018 का फसल बीमा का प्रीमियम किसानों ने भर दिया, लेकिन कमलनाथ जी की सरकार ने बीमा कंपनी का प्रीमियम भरा ही नहीं। हमारी सरकार ने वह 2200 करोड़ रुपये प्रीमियम भरकर 3100 करोड़ रुपए किसानों के खाते में जमा कराये। कमलनाथ सरकार ने सामान्य परिस्थितियों में गरीबों को योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया। हमने तो कोरोना की विषम परिस्थितियों में भी किसानों और मज़दूरों को भरपूर लाभ दिया और आगे भी देते रहेंगे।

आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने कोरोना की चुनौती के बीच भी किसान और गरीब के कल्याण के काम रुकने नहीं दिये। मैंने तय किया कि चाहे जो हो जाये, किसी भी कीमत पर किसान और गरीब की जिंदगी पटरी से नहीं उतरनी चाहिए। किसानों ने इस साल गेहूं की बंपर पैदावार की। उत्पादन के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। किसानों ने रिकॉर्ड बनाए तो हमारी सरकार ने भी उपार्जन का रिकॉर्ड बनाया! हमने किसानों के खातों में गेहूं के करीब 25,000 करोड़ रुपये जमा किये। मैं अपने किसानों को प्रणाम करता हूं कि उन्होंने कोरोना काल में गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन कर मध्यप्रदेश का शीश गर्व से ऊंचा कर दिया। एक करोड़ 29 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर मध्यप्रदेश ने पंजाब को पीछे छोड़ दिया।

मध्यप्रदेश में कृषि उपज मंडिया बंद नहीं की जायेंगी, लेकिन जो किसान अपनी फसल अपने खेत, घर या किसी और स्थान पर बेचना चाहता है, तो वह बेच सकता है। किसान को जहां उसकी उपज की अधिक कीमत मिले, वहां बेचने के लिए स्वतंत्र है।
मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा-

प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमा कंपनियों को हमने कहा दिया है कि काम तुरंत शुरू कर दें। मैं हर हाल में किसानों के नुकसान की भरपाई करूंगा। आज का दिन ऐतिहासिक है। कोरोना काल में भी हमने अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत अब तक कुल मिलाकर 7,000 करोड़ रुपये प्रदेश के किसानों के खातों में डाल दिये हैं। प्रदेश के किसानों को उनकी उपज की उचित कीमत मिले, इसके लिए फूड प्रोसेसिंग इकाइयां लगवाई जायेंगी। उपज की उसी क्षेत्र में प्रोसेसिंग कर उत्पाद को बाहर भेजने की व्यवस्था की जायेगी, ताकि किसान को अधिक लाभ मिल सके।

मध्यप्रदेश की सरकार किसान हितैषी सरकार है, हमारी सरकार का केन्द्र बिंदू कृषि व किसान है। इसलिए चिंता मत करना मेरे किसान भाइयों, परिस्थितिया चाहे कैसी भी हों सरकार हरदम आपके साथ है।
शिवराज ने ट्वीट कर कहा-

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