कलम के जादूगर साहित्यकार रामवृक्ष बेनीपुरी की जयंती पर CM ने किया सादर नमन
रामवृक्ष बेनीपुरी की जयंतीPriyanka Yadav-RE

कलम के जादूगर साहित्यकार रामवृक्ष बेनीपुरी की जयंती पर CM ने किया सादर नमन

भोपाल, मध्यप्रदेश। आज हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक और कलम के जादूगर रामवृक्ष बेनीपुरी की जयंती है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'बेनीपुरी की जयंती पर नमन किया है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। आज हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक और कलम के जादूगर रामवृक्ष बेनीपुरी की जयंती है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने 'कलम के जादूगर' क्रान्तिकारी लेखक पंडित रामवृक्ष बेनीपुरी (Rambriksh Benipuri) की जयंती पर सादर नमन किया है।

सीएम ने रामवृक्ष बेनीपुरी की जयंती पर उन्हें याद किया

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा- हिंदी साहित्य के शुक्लोत्तर युग के प्रसिद्ध साहित्यकार,महान चिंतक व विचारक रामवृक्ष बेनीपुरी जी की जयंती पर सादर नमन।राष्ट्र-निर्माण, समाज-संगठन व मानवता के जयगान को लक्ष्य बनाकर बेनीपुरी जी ने अनेक महान रचनाएं प्रस्तुत की, जो सदैव जन-जन के लिए प्रेरणास्रोत का कार्य करती रहेंगी

हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक और 'कलम के जादूगर' रामवृक्ष बेनीपुरी जी की जयंती पर सादर नमन। उन्होंने हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयां प्रदान करने के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नरोत्तम मिश्रा

23 दिसंबर, 1899 में हुआ था रामवृक्ष बेनीपुरी का जन्म :

बता दें कि, रामवृक्ष बेनीपुरी वस्तुतः एक महान विचारक, चिंतक, संपादक, साहित्यकार, पत्रकार और अग्रगामी सोच वाले क्रांतिकारी रहे हैं। रामवृक्ष बेनीपुरी का जन्म 23 दिसंबर, 1899 को मुजफ्फरपुर जिला के बेनीपुरी गांव में हुआ था, जिसके आधार पर उन्हें अपना उपनाम बेनीपुरी रखा था। उनकी भाषा-वाणी प्रभावशाली थी। रामवृक्ष बेनीपुरी का व्यक्तित्त्व आकर्षक एवं शौर्य की आभा से दीप्त था। वे एक सफल संपादक के रूप में भी याद किये जाते हैं।

रामवृक्ष बेनीपुरी भारत के एक महान विचारक, चिन्तक, मनन करने वाले क्रान्तिकारी साहित्यकार, पत्रकार, संपादक थे। वे हिन्दी साहित्य के शुक्लोत्तर युग के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। आपने गद्य-लेखक, शैलीकार, पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी, समाज-सेवी और हिंदी प्रेमी के रूप में अपनी प्रतिभा की अमिट छाप छोड़ी है। राष्ट्र-निर्माण, समाज-संगठन और मानवता के जयगान को लक्षय मानकर बेनीपुरी ने ललित निबंध, रेखाचित्र, संस्मरण, रिपोर्ताज, नाटक, उपन्यास, कहानी, बाल साहित्य आदि विविध गद्य-विधाओं में जो महान रचनाएँ प्रस्तुत की हैं, वे आज की युवा पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।

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