निर्मलजीत सिंह सेखों के बलिदान दिवस पर CM शिवराज और नरोत्तम मिश्रा ने दी श्रद्धांजलि
आज निर्मलजीत सिंह सेखों का बलिदान दिवसSocial Media

निर्मलजीत सिंह सेखों के बलिदान दिवस पर CM शिवराज और नरोत्तम मिश्रा ने दी श्रद्धांजलि

भोपाल, मध्यप्रदेश। आज निर्मलजीत सिंह सेखों का बलिदान दिवस है, सेखों के बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराज और नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर उन्हें नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि दी है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। आज निर्मलजीत सिंह सेखों का बलिदान दिवस है। 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले, परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों के बलिदान दिवस पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर उन्हें नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि दी है।

निर्मलजीत सिंह सेखों के बलिदान दिवस पर CM ने दी विनम्र श्रद्धांजलि

सीएम ने ट्वीट कर कहा- 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के छह-छह फाइटर प्लेन का सामना कर दुश्मन को धूल चटाने वाले परमवीर चक्र से सम्मानित, फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों जी के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि! मां भारती के सपूत, जिनके शौर्य, साहस एवं पराक्रम को दुश्मन देश भी सराहता है। वीर को नमन!

सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से अलंकृत वायुसेना के फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों जी के बलिदान दिवस पर कोटिशः नमन। 1971 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य वीरता व साहस का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त हुए सेखों जी की कर्तव्यनिष्ठा पर देश को सदैव गर्व रहेगा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया ट्वीट

एमपी के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर कहा- परमवीर चक्र से सम्मानित फ्लाइंग ऑफिसर शहीद निर्मलजीत सिंह सेखों जी की पुण्यतिथि पर सादर नमन और विनम्र श्रद्धांजलि। सेखों जी के बलिदान, शौर्य और अद्वितीय पराक्रम पर हर देशवासियों को सदैव गर्व रहेगा।

परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय व्यक्ति थे निर्मलजीत सिंह सेखों

बताते चले कि, निर्मलजीत सिंह सेखों परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय व्यक्ति थे। इन्हें यह सम्मान सन 1971 में मरणोपरांत मिला। भारतीय वायु सेना से परमवीर चक्र के एकमात्र विजेता फ़्लाइंग ऑफ़िसर निर्मलजीत सिंह सेखों ने 1971 में पाकिस्तान के विरुद्ध लड़ते हुए उस युद्ध में वीरगति पाई, जिसमें भारत विजयी हुआ और पाकिस्तान से टूट कर उसका एक पूर्वी हिस्सा, बांग्लादेश के नाम से स्वतंत्र राष्ट्र बन गया। इस समय निर्मलजीत सिंह श्रीनगर वायु सेना के हवाई अड्डे पर मुस्तैदी से तैनात थे और नेट हवाई जहाजों पर अपने करिश्मे के लिए निर्मलजीत सिंह उस्ताद माने जाते थे।

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