हिन्‍दी के प्रसिद्ध साहित्यकार अमृतलाल नागर की पुण्‍यतिथि पर CM ने किया नमन
अमृतलाल नागर की पुण्‍यतिथिPriyanka Yadav-RE

हिन्‍दी के प्रसिद्ध साहित्यकार अमृतलाल नागर की पुण्‍यतिथि पर CM ने किया नमन

भोपाल, मध्यप्रदेश। आज हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार, साहित्य जगत में उपन्यासकार के रूप में सर्वाधिक ख्याति प्राप्त करने वाले अमृतलाल नागर की पुण्यतिथि है, मुख्यमंत्री ने उन्हें नमन किया।

भोपाल, मध्यप्रदेश। आज यानि 23 फरवरी को हिन्‍दी के प्रसिद्ध साहित्यकार अमृतलाल नागर की पुण्यतिथि हैं, बता दें कि आज के दिन (23 फरवरी 1990) अमृतलाल नागर का निधन हो गया था। हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार, साहित्य जगत में उपन्यासकार के रूप में सर्वाधिक ख्याति प्राप्त करने वाले अमृतलाल नागर की पुण्यतिथि पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें नमन किया।

सीएम शिवराज ने किया ट्वीट-

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के माध्यम से कहा- साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार अमृतलाल नागर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हास्य व्यंग्य लेखन, रेडियोनाटक, निबंध जैसी उनकी कृतियों ने हिन्दी साहित्य की गरिमा बढ़ाई है।

नागर का जन्म 17 अगस्त, 1916 को हुआ था :

बता दें कि अमृतलाल नागर का जन्म 17 अगस्त, 1916 को उत्तर प्रदेश के आगरा में एक गुजराती परिवार में हुआ था, अमृतलाल नागर की विधिवत शिक्षा हाईस्कूल तक ही हो पाई थी, लेकिन पढ़ाई के शौक के चलते अमृतलाल नागर ने स्वाध्याय की राह पकड़ी और इस अध्ययन-विधि के तहत साहित्य, इतिहास, पुराण, पुरातत्त्व, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र इत्यादि विषयों का ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला गुजराती एवं मराठी भाषा का भी यथोचित ज्ञान प्राप्त किया था।

हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे 'अमृतलाल नागर'

आपको बताते चलें कि अमृतलाल नागर हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे, अमृतलाल नागर ने नाटक, रेडियोनाटक, रिपोर्ताज, निबन्ध, संस्मरण, अनुवाद, बाल साहित्य आदि के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, अमृतलाल नागर जितने ऊंचे दर्जे के कथाकार-उपन्यासकार थे, उतने ही ऊंचे दर्जे के जिंदादिल व्यंग्यकार भी थे, इनका हास्य-व्यंग्य लेखन भी कोई कम महत्त्वपूर्ण नहीं है, अमृतलाल नागर की इसी जिंदादिली और विनोदी वृत्ति के कारण इनकी रचनाएं अत्यंत पठनीय बन पड़ी हैं, वही हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार, साहित्य जगत में उपन्यासकार के रूप में सर्वाधिक ख्याति प्राप्त करने वाले अमृतलाल नागर 23 फरवरी 1990 को इस दुनिया को अलविदा को कह चले थे।

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