सीएम शिवराज ने वीर सपूत "प्रफुल्ल चाकी" के बलिदान दिवस पर पुष्प अर्पित कर किया नमन
प्रफुल्ल चाकी का बलिदान दिवस Social Media

सीएम शिवराज ने वीर सपूत "प्रफुल्ल चाकी" के बलिदान दिवस पर पुष्प अर्पित कर किया नमन

भोपाल, मध्यप्रदेश। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी के बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराज ने उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। आज भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी (Prafulla Chaki) का बलिदान दिवस हैं, इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीर सपूत "प्रफुल्ल चाकी" के बलिदान दिवस पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया है।

सीएम ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर किया नमन :

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी प्रफुल्ल चंद चाकी के बलिदान दिवस पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

मां भारती की परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने और क्रांतिकारियों के अपमान का बदला लेने के लिए मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड पर प्राणघातक हमला करने वाले वीर सपूत प्रफुल्ल चंद चाकी जी के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की, माटी अपने लाल के बलिदान को कभी विस्मृत न कर सकेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

नरोत्तम मिश्रा ने भी किया ट्वीट :

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर लिखा- प्रफुल्ल चंद चाकी स्वतंत्रता आंदोलन के ऐसे सेनानी थे जिन्होंने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की तरह जीते-जी ब्रितानिया हुकूमत के हाथ न आने की अपनी कसम निभाकर उस दौर के कई युवाओं को आजादी की लड़ाई से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उनकी पुण्य स्मृति को नमन।

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अमर शहीद, आजादी के महानायक प्रफुल्ल चन्द चाकी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग

भारत के स्वतन्त्रता सेनानी एवं महान क्रान्तिकारी थे प्रफुल्ल चाकी :

प्रफुल्ल का जन्म उत्तरी बंगाल के बोगरा जिला के बिहारी गाँव में हुआ था। जब प्रफुल्ल दो वर्ष के थे तभी उनके पिता जी का निधन हो गया। उनकी माता ने अत्यन्त कठिनाई से प्रफुल्ल का पालन-पोषण किया था, प्रफुल्ल चाकी भारत के स्वतन्त्रता सेनानी एवं महान क्रान्तिकारी थे। 1 मई 1888 को उनका निधन हो गया था। भारतीय स्वतन्त्रता के क्रान्तिकारी संघर्ष में उनका नाम अत्यन्त सम्मान के साथ लिया जाता है।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

No stories found.