कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस शुरू, सीएम ने बैठक में इन मुद्दों पर की चर्चा
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंसPriyanka Yadav-RE

कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस शुरू, सीएम ने बैठक में इन मुद्दों पर की चर्चा

भोपाल, मध्यप्रदेश। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आज वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टर-कमिश्नर और आईजी व एसपी से की बात, बैठक में मिलावटखोरी-कानून व्यवस्था को लेकर हो रही है चर्चा...

भोपाल, मध्यप्रदेश। नए वर्ष का आगाज होते ही शिवराज सरकार ने कहा था कि विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सरकार जुट गई है, इस साल मेरा सिर्फ एक ही लक्ष्य है और वह है 'आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश'। बता दें कि आज यानि सोमवार को नए साल की पहली कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस सुबह से शुरू हो चुकी है, बैठक में मिलावटखोरी-कानून व्यवस्था को लेकर हो रही है चर्चा।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मैदानी अफसरों से बात की, बैठक में मिलावटखोर, भू-माफिया, अवैध उत्खनन, चिटफंड कंपनियों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के अलावा कानून व्यवस्था, आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश को लेकर चर्चा कर रहे है, इस दौरान अफसरों खासकर कलेक्टरों से पूछा कि उनके क्षेत्र में इन अभियान की क्या स्थिति है।

बैठक में शिवराज ने कहा कि भारत सरकार की प्रत्येक योजनाओं के क्रियान्वयन में हमको मध्यप्रदेश को अव्वल बनाना है, यह तब संभव होगा, जब सभी संबंधित विभाग और जिले उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे, वही गुंडे-माफियाओं की कमर तोड़ने का अभियान जारी रहना चाहिए। हमें समस्याओं के तात्कालिक और दीर्घकालिक निवारण के बारे में सोचना होगा। ज़िलों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चलती रहे जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो और जनता को पूरा लाभ मिल सके।

ज़िलों और विभागों की अब रेटिंग की जाएगी। समस्त ज़िलों के अधिकारी पूरी निष्ठा के साथ जनता की सेवा में कार्यरत रहें और बेहतर से बेहतर परिणाम दें।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

आगे सीएम ने ट्वीट कर कहा कि कोरोना के टीकाकरण की व्यवस्थाएँ सभी ज़िलों ने की हैं। प्रायॉरिटी ग्रुप्स को वैक्सीन लग जाये, इसके लिए हमें जुटना होगा, मैं वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा। पहले हमें प्रायॉरिटी ग्रुप्स के लिए वैक्सिनेशन सुनिश्चित करना है, मेरा किसी से भी राग या द्वेष नहीं है। मध्यप्रदेश की प्रगति, विकास और जनता के कल्याण का मेरे मन में एक जुनून है और इसी लिए मैं मुख्यमंत्री बना हूँ असंभव कुछ नहीं है। संभव की सीमा जानने का एक ही तरीका है - असंभव से आगे निकल जाना!

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