कांग्रेस ओबीसी विरोधी, इसलिए उसने आरक्षण पर रोक लगवाई : भूपेंद्र सिंह
भूपेंद्र सिंह ने पत्रकार वार्ता को संबोधित कियाRaj Express

कांग्रेस ओबीसी विरोधी, इसलिए उसने आरक्षण पर रोक लगवाई : भूपेंद्र सिंह

भूपेंद्र सिंह ने पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण पर रोक लगाने के मामले में विपक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कांग्रेस ओबीसी विरोधी है, इसलिए ही उसने आरक्षण पर रोक लगवाई है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। सुप्रीम कोर्ट द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण पर रोक लगाने के निर्णय पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इस मामले में विपक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कांग्रेस ओबीसी विरोधी है, इसलिए ही उसने आरक्षण पर रोक लगवाई है।

अपने निवास पर रविवार को यहां पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर रोक लगाने के मामले में राज्य सरकार सभी संवैधानिक तथा वैधानिक बिंदुओं पर विचार कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में सीधे राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए हैं। आयोग ने भी राज्य सरकार से केवल यह कहा है कि वह एक सप्ताह में आरक्षित सीटों को सामान्य क्षेणी में लाए। नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि आयोग ने अब तक मप्र सरकार से इस बारे में कोई राय नहीं मांगी है। इस तरह आज की स्थिति में सीधे तौर पर मप्र सरकार इस मामले में पार्टी नहीं है। उन्होंने कहा कि मप्र सरकार इस बात पर दृढ़ है कि ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए।

भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विरोधी है और इसलिए उसने आरक्षण पर रोक लगाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय अपने मन से कोई निर्णय नहीं करता। न्यायालय अपने सामने रखे गए तर्कों के आधार पर निर्णय देता है। सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने महाराष्ट्र के गवली केस का उदाहरण दिया। उस आधार पर ही सुप्रीम कोर्ट ने मप्र के पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर स्टे दिया है। यदि विवेक तन्खा अपनी तरफ से यह बात नहीं रखते तो न्यायालय अपने स्तर पर किसी राज्य के लिए ऐसा निर्णय नहीं करता। इसलिए आरक्षण पर इस रोक के लिए यदि कोई पूरी तरह जिम्मेदार है तो वह कांग्रेस और उसके नेता विवेक तन्खा हैं।

मंत्री सिंह ने चर्चा के दौरान कहा कि पंचायत चुनाव में ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई रोक पर आगामी रणनीति बनाने के लिए ओबीसी वर्ग के वरिष्ठ नेतागण तथा संगठनों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने गहन विचार-विमर्श किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि ओबीसी वर्ग को सभी चुनावों में 27 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए। मप्र की भाजपा सरकार ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत का आरक्षण देने के लिए कृत-संकल्पित है। अब तक के सभी चुनाव इसी आधार पर हो रहे थे।

बैठक में आगे की रणनीति पर हुआ मंथन :

इससे पहले नगरीय विकास मंत्री ने अपने निवास पर प्रदेशभर से आए पिछड़ा वर्ग संगठनों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई। बैठक करीब दो घंटे तक चली। इस बैठक में सभी पदाधिकारी इस बात पर सहमत थे कि मप्र की सरकार पिछड़ा वर्ग के उत्थान तथा उसे 27 फीसदी आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। सभी संगठनों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस दिशा में प्रयासों को समर्थन दिया और उनके प्रति विश्वास जताया। बैठक में इस मामले में आगे की रणनीति पर भी विचार किया गया। मंत्री सिंह के नेतृत्व में रविवार को हुई बैठक में भाजपा पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन, मंत्री मोहन यादव, रामखेलावन पटेल, ब्रजेंद्र यादव, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारियों सहित इस वर्ग के संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

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