कांग्रेस विधायक केपी सिंह की नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात
कांग्रेस विधायक केपी सिंह की नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात|Raj Express
मध्य प्रदेश

कांग्रेस विधायक केपी सिंह की नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात

एक दिन पहले ही भोपाल में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में ली पार्टी ना छोड़ने की शपथ। प्रद्युम्न लोधी और सुमित्रा देवी के भाजपा ज्वाइन करने से सशंकित कांग्रेस में इस भेंट से खलबली।

राज एक्सप्रेस

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भोपाल / ग्वालियर। पिछोर से कांग्रेस विधायक केपी सिंह सोमवार सुबह गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से मिलने यहां उनके घर पहुंच गए। दोनों के बीच लंबी चर्चा हुई। केपी सिंह के यूं नरोत्तम से मिलने पर सियासी गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं। इससे पूर्व रविवार रात ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास पर कांग्रेस विधायक दल की हुई थी। बैठक में शिवराज सरकार के खिलाफ राज्य में बड़ा आंदोलन खड़ा करने का निर्णय लिया गया। रविवार रात बुलाई गई इस कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 90 में से 65 विधायक मौजूद थे। बैठक में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं दिग्विजय सिंह और अरुण यादव के साथ ही केपी सिंह कक्काजू भी शामिल थे।

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायकों ने शपथ ली कि अब कोई भी पार्टी से नहीं टूटेगा और पार्टी की सरकार में वापसी के लिए कार्य में लगेंगे। अब इस शपथ को 24 घंटे भी नहीं बीते कि रात के बाद सुबह हुए इस घटनाक्रम से कांग्रेस में खलबली मच गई। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब केपी सिंह ने बीजेपी नेताओं से संपर्क किया हो। इसके पहले भी मंत्री न बनाए जाने पर केपी ने बगावती तेवर दिखाए थे। यहां तक की केपी खुले मंच से कई बार नरोत्तम की तारीफ भी कर चुके हैं। बता दें हाल ही में दो विधायकों प्रद्युम्न सिंह लोधी और सुमित्रा देवी ने कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा ज्वाइन की थी।

दिग्विजय समर्थक माने जाते हैं केपी सिंह :

कांग्रेस की सियासत में केपी सिंह को दिग्विजय सिंह समर्थक माना जाता है, लेकिन कमलनाथ मंत्रीमंडल में उन्हें स्थान न मिलने के चलते वे दिग्विजय सिंह से नाराज हैं। कमलनाथ सरकार में मंत्रीमंडल के लिए उनकी पैरवी न तो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की और न ही दिग्विजय सिंह उनके लिए आगे आए थे।

पहले भी लगी थीं केपी को लेकर अटकलें :

राज्यसभा चुनाव के समय भी केपी सिंह के भाजपा में आने की अटकलें लगी थीं। इन अटकलों के चलते ही भाजपा से पिछोर क्षेत्र से प्रत्याशी रहे प्रीतम लोधी और अन्य तमाम लोधी नेताओं ने उनके भाजपा में प्रवेश की संभावना मात्र से हाय तौबा मचा दी थी। माना यह जा रहा है कि केपी सिंह के भाजपा में प्रवेश का विरोध ज्योतिरादित्य सिंधिया और उमा भारती खेमा दोनों ही नेताओं की ओर से हो सकता है। फिर भी राजनीति में कभी भी कुछ हो सकता है।

इनका कहना है :

क्षेत्र की समस्याएं होती हैं तो मुलाकात करना ही पड़ती है, अब इस मुलाकात के जो मायने निकाले जा रहे हैं वैसा कुछ नहीं है। मैं कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जा रहा हूं। मैं तो अपने विधानसभा क्षेत्र के काम के संबंध में मंत्री से मुलाकात के लिए उनके बंगले गया था।

केपी सिंह, कांग्रेस विधायक

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