गुना की घटना पर कांग्रेस का बयान- 'शांति का टापू कहे जानेवाला MP अब अपराधियों का गढ़ है'
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गुना की घटना पर कांग्रेस का बयान- 'शांति का टापू कहे जानेवाला MP अब अपराधियों का गढ़ है'

भोपाल, मध्यप्रदेश। गुना की घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार को निशाने पर ले लिया है, प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के इन नेताओं ने दिए ये बयान...

भोपाल, मध्यप्रदेश। एमपी के गुना जिले के आरोन क्षेत्र में वन्यजीवों का शिकार कर लौट रहे बदमाशों ने एक बड़ी जघन्य घटना को अंजाम देते हुए गोलियां चलायीं, जिससे तीन पुलिस कर्मचारी शहीद हो गए। इस विभत्स घटना के बाद कांग्रेस ने सरकार को निशाने पर ले लिया है।

कांग्रेस ने ट्वीट लिखा-

कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा है कि- मध्यप्रदेश के गुना में शिकारियों ने 3 पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की। “बेहद दु:खद” शांति का टापू कहे जानेवाला मध्यप्रदेश अब अपराधियों का गढ़ है। “शवराज का जंगलराज” इस मामले में आगे एमपी कांग्रेस ने कहा कि, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को हाइवे पर वर्दी में पुलिसकर्मियों से चाय सर्व कराने वाले आईजी अनिल शर्मा गुना में 3 पुलिसकर्मियों की मौत के मामले में हटाये गये हैं। सागर से ग्वालियर तक, योग्यता पर चापलूसी भारी है।

प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के इन नेताओं ने दिए ये बयान...

कमलनाथ का बयान :

गुना में देर रात हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम कमलनाथ कर लिखा- मध्यप्रदेश के गुना में शिकारियों की गोलीबारी से हुई तीन पुलिसकर्मियों की मौत की घटना बेहद दुखद , बेहद पीड़ादायक। निश्चित तौर पर अपने कर्तव्य पालन के लिये इन पुलिसकर्मियों ने अपनी शहादत दी है। इनकी शहादत को मैं नमन करता हूं , इनकी शहादत व्यर्थ नही जायेगी।

आगे कमलनाथ ने कहा कि, लेकिन हमें यह भी देखना होगा कि आख़िर शिवराज सरकार में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों है, सरेआम अपराधी पुलिसकर्मियों की हत्या कर रहे है, जंगल में बेख़ौफ़ होकर शिकार कर रहे है..? प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी लाचार क्यों है, ज़िम्मेदार आखिर कहां है। हर घटना के बाद जागना सरकार की आदत बन चुका है… आज सभी तरह के माफिया प्रदेश में सक्रिय है। चाहे भूमाफिया हो, वन माफिया, शराब माफिया हो, रेत माफिया हो, सभी के हौसले बुलंद है। माफियाओ को ज़मीन में गाड़ने की घोषणा हवा- हवाई साबित हो चुकी है, यदि सरकार का कानून व्यवस्था पर व अपराधियों पर नियंत्रण होता तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। हमारे पुलिसकर्मी भाइयों की शहादत बचायी जा सकती थी।

इस घटना के दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो और भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिये सभी आवश्यक कदम उठाये जाये

पूर्व सीएम कमलनाथ

दिग्विजय सिंह का बयान-

एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने ट्वीट कर लिखा- कल रात को गुना जिले के आरोन थाने में पुलिस इंस्पेक्टर जाटव प्रधान आरक्षक श्री भार्गव व आरक्षक मीना की हिरन के शिकारियों ने हत्या कर दी। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं। पुलिस से अनुरोध करता हूं इन अपराधियों की जांच कर इन्हें कठोर से कठोर सजा दिलवाएं। तीनों पुलिस कर्मी परिवारों को मेरी संवेदनाएं। इन तीनों पुलिस कर्मी परिवारों को पर्याप्त मुआवज़ा, उनके सेवा निवृत्त होने के समय तक पूरा वेतन उनके बच्चों के निःशुल्क शिक्षा व एक परिवार जन को शासकीय अनुकम्पा नियुक्ति तत्काल दें। हमारे गुना जिले के लिए शर्म की बात है।

डॉ. गोविंद सिंह ने किया ट्वीट

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने ट्वीट कर लिखा- गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र में एक SI सहित 2 पुलिसकर्मियों की हत्या "शिवराज नहीं-गुंडाराज" का प्रमाण! जब पुलिस ही असुरक्षित है तो आमजन की सुरक्षा कौन करेगा? जो गृहमंत्री अपने ही कर्मियों की रक्षा नहीं कर सके, वे नैतिकता के नाते दें इस्तीफा।

मध्यप्रदेश के गुना में शिकारियों द्वारा की गई 3 वीर पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या पर मैं गहन शोक व्यक्त करता हूं। शांति का टापू कहे जानेवाला मध्यप्रदेश अब अपराधियों का गढ़ है। इसे किसी भी कीमत पर शिवराज नहीं कह सकते यह "जंगल राज" है

पीसी शर्मा

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