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पगरा डेम
पगरा डेम|Sudha Choubey - RE
मध्य प्रदेश

सागर: किसानों की भूमि लेकर किया गया पगरा डेम का निर्माण

सागर, बंडा : बंडा एवं शाहगढ़ क्षेत्र के किसानों की भूमि लेकर पगरा डेम का निर्माण किया गया है। पगरा डेम बनने के बाद वहां की सुंदरता बढ़ गई है। ऊंचाई से गिरता पानी का नजारा लोगों को अपनी ओर खींचता है।

Sudha Choubey

Sudha Choubey

राज एक्सप्रेस। बंडा एवं शाहगढ़ क्षेत्र के किसानों की भूमि लेकर पगरा डेम का निर्माण किया गया, जिसमें अथाह पानी भरा हुआ है, लेकिन इस पानी का लाभ बंडा क्षेत्र वासियों को नहीं मिला। पगरा डेम बनने के बाद वहां की सुंदरता बढ़ गई। प्राकृतिक रूप में लगने वाले झरने दिखाई देते हैं, तो वहीं ऊंचाई से गिरता पानी का नजारा भी लोगों को अपनी ओर खींचता है। पानी से मात्र किलो मीटर की दूरी होने के कारण लोग पगरा डेम की सुंदरता देखने जाते हैं।

कीचड़ के रास्ते से डेम तक पहुंचते हैं लोग :

शासन और प्रशासन चाहता तो इस क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित कर सकता था, लेकिन प्रशासन द्वारा पगरा डेम तक पक्की रोड बनाना भी मुनासिब नहीं समझा। चार से पांच किलो मीटर तक कीचड़ से सराबोर रास्ते से लोग डेम पहुंचते हैं, क्योकि इस समय पगरा डेम का अद्वभुत नजारा दिखाई देता है। वहीं इसी रास्ते का उपयोग ग्राम भीकमपुर आबाद ग्राम के रहवासी उपयोग करते हैं, लेकिन जिस दिन बारिश हो जाती है तब इनका शहर तक पहुंचना दुर्लभ हो जाता है। यहां के रहवासियों ने बताया कि, इस संबंध में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से बात भी की है, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

बढ़ सकता है रोजगार :

पगरा डेम तक पहुंचने का रास्ता जंगल के बीच से जाता है, सड़क के दोनों तरफ हरियाली दिखाई देती है। इसके अलावा पगरा डेम के आस पास भी पर्याप्त जगह है, जिससे इस क्षेत्र को पर्यटक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। जिससे दूर-दूर से लोग घूमने के लिए आ सकते हैं। शासन चाहे तो यहां पानी की बोट, रिसोर्ट सहित अन्य संसाधन जुटा सकता है। जिससे आस-पास के क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही बड़े क्षेत्र को विकसित करने के लिए नया रास्ता खुलेगा।

अभी से लोगों को करना होगा जागरूक :

अभी पगरा डेम पहुंचने वालों की संख्या इतनी अधिक नहीं होती है कि, उनके द्वारा वहां फेका गया कचरा यहां वहां दिखाई दे, लेकिन समय बीतने के साथ-साथ लोगों की संख्या भी बढ़ जायेगी। इस लिए लोगों को अभी से जागरूक करने की आवश्यकता है कि अपने साथ ले गये पानी के बाटल, चिप्स आदि के खाली पैकिटों को वहीं छोड़कर न आये।

डिस्क्लेमर : इस लेख के भीतर व्यक्ति की गई राय लेखक की निजी राय है। लेख में दिखाई देने वाले तथ्य और राय राज एक्सप्रेस के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं और राज एक्सप्रेस किसी भी जिम्मेदारी या दायित्व को स्वीकार नहीं करता है।