कोविड-19 बीमारी इस सदी की सबसे बड़ी चुनौतीपूर्ण बीमारी है- कमिश्नर

इंदौर, मध्य प्रदेश : एमवायएच में पोस्ट कोविड रोगियों के लिये नई ओपीडी शुरू। कोविड-19 के मरीजों पर एमवाय अस्पताल में होगा शोध कार्य।
कोविड-19 बीमारी इस सदी की सबसे बड़ी चुनौतीपूर्ण बीमारी है- कमिश्नर
कोविड-19 बीमारी इस सदी की सबसे बड़ी चुनौतीपूर्ण बीमारी है- कमिश्नरSocial Media

इंदौर, मध्य प्रदेश। कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा ने गुरुवार सुबह एम.जी.एम मेडिकल कॉलेज में ऑनलाइन पोस्ट कोविड रोगियों के इलाज के लिये बनी एमवायएच अस्पताल स्थित नई ओपीडी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोविड-19 बीमारी इस सदी की सबसे बड़ी चुनौतीपूर्ण बीमारी है। इसके कारगर इलाज के लिये अभिनव प्रयोग किये जा रहे हैं। प्लाज्मा थेरेपी भी उसमें से एक है।

डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि यह भी कहा कि एम.वाय. अस्पताल में पोस्ट कोविड रोगियों को कारगर इलाज मिलेगा। पोस्ट कोविड के कुछ रोगियों में फेफड़ा, गुर्दा और हृदयरोग के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इन सभी रोगियों की एक ही जगह जांच करके उन्हें व्यवस्थित तरीके से सही निदान हेतु विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओर भेजा जाएगा, ताकि उनका रोग आगे बढऩे से रुके। कोविड के बाद स्वस्थ हुए रोगियों को किस तरह की परेशानियाँ आ रही हैं। उनका एनालिसिस कर डाटा भी एकत्रित किया जाएगा। कोरोना एक नई बीमारी होने से इसके बारे में इसके लक्षण, लंबे समय के दुष्परिणाम एवं विभिन्न अंगों पर इसके प्रभाव के बारे में विस्तृत अध्ययन भी संभव हो सकेगा, जिससे आने वाले समय में चिकित्सकों एवं आम जनता को इसके बचाव एवं लक्षणों के बारे में समुचित जानकारी मिल सकेगी।

मीडिया जनता और प्रशासन के बीच सेतु :

कमिशनर ने यह भी कहा कि इलाज ही बचाव है। इंदौर में कोरोना मरीजों के इलाज के एक हजार 200 बेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा अभी तक 21 हजार कोरोना मरीज ठीक हो चुके हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज का मेडिसिन विभाग, ब्लैड बैंक और माइक्रो वायरोलॉजी विभाग टीम भावना से काम कर रहे हैं। अभी तक 35 डॉक्टरों ने, जिसमें डॉ. सौम्या सिंघल और डॉ. योगेन्द्र सिंह शामिल हैं, ने पोस्ट कोविड रोगियों के इलाज के लिये पंजीयन कराया है। पोस्ट कोविड रोगियों में सांस और अनिंद्रा की भी बीमारी परिलक्षित हो रही है। कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा ने यह भी कहा कि पिछले आठ महीने से कोविड-19 महामारी के दौरान इंदौर की मीडिया की रचनात्मक भूमिका रही है। दरअसल मीडिया प्रशासन और जनता के बीच के सेतु का काम कर रहा है। आज एम.वाय. अस्पताल में पोस्ट कोविड रोगियों के लिये मीडिया के जरिये नई ओपीडी का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा।

नई ओपीडी कारगर सिद्ध होगी :

इस अवसर पर एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित ने कहा कि पोस्ट कोविड रोगियों के इलाज में एम.वाय. अस्पताल की नई ओपीडी कारगर सिद्ध होगी। हम पोस्ट कोविड रोगियों के इलाज के लिये कृतसंकल्पित हैं। एम.वाय. अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पी.एस. ठाकुर ने कहा कि एम.वाय. अस्पताल में कोविड-19 अभी तक सैकड़ों मरीज इलाज के लिये आ चुके हैं। उनका अरविंदो अस्पताल, एमआरटीबी अस्पताल, सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल आदि में इलाज चल रहा है। कोविड-19 के इलाज में एम.वाय. के मेडिसिन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। कोविड-19 के कुछ मरीजों में इलाज ठीक हो जाने के बाद गिने-चुने मरीजों में कुछ जटिलता पैदा हो रही है, जिन पर शोध किया जा रहा है। एम.वाय. अस्पताल के कमरा नंबर 141 में सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक पोस्ट कोविड रोगियों का परीक्षण किया जाता है। इस अवसर पर डॉ. प्रोफेसर एस.के. यादव ने कहा कि कोविड-19 के इलाज में प्ला'मा थेरेपी सबसे कारगर साबित हुई है। दिल्ली में इसका बहुत प्रयोग किया जा रहा है। इस थेरेपी से एन्टीबॉडीज जल्दी बनते हैं। इस अवसर पर डॉ. एस.के. पाण्डे ने कहा कि पोस्ट कोविड-19 के रोगियों में फेफड़ा, हृदय, अलसर के लक्षण दिखाई दे रहे है, जिनका इलाज जारी है। कार्यक्रम में डॉ. सलिल भार्गव, डॉ. ए.डी. भटनागर, डॉ. पी.एस. मूथा आदि मौजूद थे।

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