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मध्य प्रदेश

भोपाल कोर्ट द्वारा शिवराज का मानहानि केस ख़ारिज, मिश्रा को राहत

मध्यप्रदेश के भोपाल जिले की सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा के खिलाफ मानहानि मुकदमे को खारिज कर दिया।

Priyanka Yadav

Priyanka Yadav

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश के भोपाल जिले की सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा के खिलाफ मानहानि मुकदमे को खारिज कर दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट रोहित श्रीवास्तव ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता केके मिश्रा के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से पेश किए गए मानहानि के मामले को समय सीमा से बाहर होने से निरस्त कर दिया।

तत्कालीन जिला लोक अभियोजक आनंद तिवारी ने तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से 24 जून 2014 को तत्कालीन अपर जिला न्यायाधीश की कोर्ट में मानहानि का परिवाद दायर किया था। तत्कालीन अपर जिला न्यायाधीश काशीनाथ सिंह ने 17 नवंबर 2017 को केके मिश्रा को दो साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी।

केके मिश्रा ने अपर जिला न्यायाधीश के फैसले को मप्र हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपर जिला न्यायाधीश के फैसले को निरस्त करते हुए मिश्रा को राहत प्रदान की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि, मामला व्यक्तिगत होने से इसे अदालत में पेश करने का अधिकार भी उसी व्यक्ति को है जिसकी मानहानि हुई हो।

सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद शिवराज सिंह चौहान की ओर से व्यक्तिगत रुप से केके मिश्रा के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया गया था। केके मिश्रा ने 21 जून 2014 को कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चौहान एंव उनके परिजनों पर आरोप लगाए थे कि परिवहन आरक्षक भर्ती मामले में सीएम की ससुराल गोंदिया महाराष्ट्र के 19 परीक्षार्थियों की नियुक्तियां की गई है।

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