भामसं के शेखावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री चौहान से मिला

नागदा जं., मध्य प्रदेश : भारतीय मजदूर संघ के 101 सदस्यों का प्रतिनिमंडल सुल्तानसिंह शेखावत के नेतृत्व में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से उनके निवास स्थान पर मिला।
भामसं के शेखावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री चौहान से मिला
भामसं के शेखावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलाSocial Media

नागदा जं., मध्य प्रदेश। भारतीय मजदूर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल शेखावत के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से उनके निवास पर मिला, जिसमें शासकीय, अशासकीय, निगम, मंडल, राज्य व केंद्र सरकार के प्रतिनिधिगण शामिल थे। मुख्यमंत्री ने आचार संहिता समाप्त होने के बाद मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया।

भारतीय मजदूर संघ के 101 सदस्यों का प्रतिनिमंडल सुल्तानसिंह शेखावत के नेतृत्व में 5 व 6 अक्टूूबर को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से उनके निवास स्थान पर मिला। प्रतिनिधिमंडल में जिसमें शासकीय, अशासकीय, निगम, मंडल, राज्य व केंद्र सरकार के प्रतिनिधिगण शामिल रहे। शेखावत के अनुसार शासकीय व पेशंनर को टीए केंद्र के समान देने, प्रमोशन एवं इंंक्रीमेंट केंद्र के समान बढ़ोतरी की जाए। कृषि उपज मंडी को लेकर कर्मचारियों, हम्माल एवं तुलावटियों में असुरक्षा की स्थिति निर्मित हो गई, जिसको यथावत रखने के लिए ठोस नीति बनाने, प्रदेश के लगभग एक लाख संविदा कर्मचारियों के लिए रा'य सरकार द्वारा पूर्व में 90 प्रतिशत वेतनमान देने का आदेश जारी किया था, जिसको कुछ जगह लागू कर दिया गया था लेकिन अभी भी कुछ स्थानों पर इसका अभाव है इसको तुरंत लागू करवाया जाए। ऐसे संविदा कर्मचारी जिसका पांच वर्ष का सेवाकाल पूर्ण हो चूका है उनका विनियमतीकरण, अतिथि शिक्षका को 12 माह का वेतन देने, पात्रता प्राप्त 5000 अतिथि शिक्षकों को रिक्त स्थानों पर पूर्ति किए जाए, अतिथि शिक्षकों को आरक्षण का सीधा लाभ नहीं मिल रहा है ऐसे में उनको वरियता के आधार पर भर्ती में लाभ देने। लगभग 4000 अतिथि विद्वान व्याख्याता जो वर्तमान में बेरोजगार है उनको काम पर रखा जाए। इसके अलावा स्थानीय से लेकर प्रदेश के सभी उद्योगों में 22 मार्च की स्थिति की तरह रोजगार श्रमिकों को उपलब्ध कराने की मांग को प्रमुखता रख गया। मुख्यमंत्री ने आचार संहिता समाप्त होने के बाद मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया।

कोरोना काल के दस हजार रुपए दिए जाएं :

कांग्रेस सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का 1500 रुपए मानदेय कम कर दिया था उसको वापस दिलाने के लिए आदेश जारी करने, पूर्व की सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सेवानिवृत्ति पर एक लाख रुपए और सहायिका को 75 हजार रुपए सम्मान निधि देने की घोषणा की थी, आशा कार्यकर्ता व सहयोगिनी को न्यूनतम वेतनमान का लाभ देने, कोरोना कॉल में फील्ड में काम करने वाले व्यक्तियों को 10 हजार रुपए देने की घोषणा की थी, जिसका लाभ कुछ को मिला, लेकिन वर्तमान में बड़ी संख्या में लोग वंचित है। सहायक शिक्षक के पदनाम परिवर्तन की घोषणा पूर्व सरकार ने की थी, जिसका पालन नहीं हो सका है।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद :

प्रतिनिधिमंडल में भामंस के महामंत्री केपीसिंह, कर्मचारी कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा, विद्युत कर्मचारी महासंघ के महामंत्री किशोरीलाल रायकवार, राज्य कर्मचारी महासंघ के राजेंद्र शर्मा, आशा कार्यकर्ता सुमन पटेल, आंगनवाड़ी महासंघ राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना राणा, रामेश्वरी यादव, संगीता पटेल, संविदा कर्मचारी संयोजक दिनेश तोमर, अतिथि शिक्षक के अजयपालसिंह राठौर, तुफान शर्मा, अतिथि विद्वानों के प्रतिनिधि देवराज, भगवान शर्मा आदि मौजूद रहे।

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