डिजिटल साक्षरता आज की जरूरत : यशोधरा
डिजिटल साक्षरता आज की जरूरत : यशोधराSocial Media

डिजिटल साक्षरता आज की जरूरत : यशोधरा

भोपाल, मध्य प्रदेश : मंत्री यशोधरा राजे ने वर्चुअल एम्पलाईविलिटी कॉन्क्लेव-2020 का शुभारंभ करते हुए कहा कि डिजिटल साक्षरता आज की जरूरत है। कोविड ने हम सभी को डिजिटल होने के लिए मजबूर किया है।

भोपाल, मध्य प्रदेश। प्रदेश की तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने मंगलवार को वर्चुअल एम्पलाईविलिटी कॉन्क्लेव-2020 का शुभारंभ करते हुए कहा कि डिजिटल साक्षरता आज की जरूरत है। कोविड ने हम सभी को डिजिटल होने के लिए मजबूर किया है।

श्रीमती सिंधिया ने कहा कि हमें तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बच्चों में ऐसी मानसिकता को विकसित करना होगा जहां वे सिर्फ इंजीनियरिंग के विभिन्न विषयों पर केंद्रित न रहकर आधुनिकतम तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी से भी पूर्ण रूप से वाकिफ हो। उन्होंने कहा कि प्रौद्यागिकी जीवन के हर क्षेत्र में लागू होती है। शैक्षणिक संस्थानों में सैद्धांतिक ज्ञान से ज्यादा व्यवहारिक पढ़ाई पर जोर दिया जाना चाहिए। उद्योगों की जरूरत के हिसाब से विद्यार्थियों को तैयार करने के लिए यह जरूरी है कि फैकल्टी को भी उसकी जानकारी हो। श्रीमती सिंधिया ने कहा कि भविष्य में उद्योगों के विशेषज्ञों को विजिटिंग फैकल्टी के रूप में जोड़ा जाएगा। तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा रोजगार कौशल और उद्यमिता में सुधार लाने के लिए आइटी क्षेत्र तथा विभिन्न उद्योगों के हितधारकों के साथ परस्पर बातचीत करने के मद्देनजर इंडस्ट्री अकादमिया मीट आयोजित किया गया था। तकनीकी शिक्षा, सीआईआई यंग इंडियंस और नैसकाम के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित वर्चुअल कॉन्क्लेव में विभिन्न प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

प्रसिद्ध उद्योग विशेषज्ञों ने दिए अपने सुझाव :

  • एमडी परसिसटेंट सिस्टम के डॉ. आनंद देशपांडे ने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता की ओर प्रोत्साहित करना चाहिए। उद्योगों के विशेषज्ञों को महाविद्यालयों में लेक्चर्स के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए।

  • नैसकाम फ्यूचर स्किल की हेड कीर्ति सेठ ने कहा कि टैलेंट गेप एक बड़ी समस्या है। बहुविषयक शिक्षा वर्तमान बाजार की मांग है।

  • कॉग्नेजेंट की माया श्रीकुमार ने कहा कि सिर्फ स्नातक या स्नातकोत्तर के सर्टिफिकेट से काम नहीं चलेगा। विद्यार्थियों को तकनीक के माध्यम से समस्याओं को समझना और उनकी पहचान करना आना आवश्यक है। यह हुनर उन्हें भविष्य में सफलता दिलाएगा। पाठ्यक्रम में विषयों को कम कर कौशल व्यवहारिक ज्ञान में वृद्धि करें।

  • इनफोसिस के सुधीर मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों को इनफोसिस के इनफिटी क्यू प्लेटफार्म से जुड़ना चाहिए।

  • टीसीएस के गौरव ने तीन ए- एवेयरनेस, एग्रेसिव तथा एजीलिटी पर केंद्रित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इच्छुक क्षेत्र में क्या चल रहा है उसकी जानकारी रखे, क्या सिखने की जिज्ञासा तथा नई तकनीक को अपनाने के लिए तैयार होना चाहिए।

  • कॉन्क्लेव में डॉ. क्रिस सोटिरोपॉल्स सीईओ मेलबर्न, सिस्को के मुरूगन वासुदेवन, इनक्यूबेशन मास्टर्स के अध्यक्ष सीके तिवारी, सेजग्रुप के शिवानी अग्रवाल ने भी अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर आयुक्त तकनीकी शिक्षा पी. नरहरि, संचालक कौशल विकास एस. धनराजू, सीआईआई यंग इंडियन्स के डा. अनुज गर्ग उपस्थित थे।

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