नरसिंहपुर में संक्रमण रोकने के लिए जिला आपदा प्रबंधन समिति ने लिए अहम फैसले

नरसिंहपुर जिले में सेल्फ लॉक डाउन को प्रोत्साहित किया जायेगा। जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में लिये गये सर्वसम्मति से निर्णय।
नरसिंहपुर में संक्रमण रोकने के लिए जिला आपदा प्रबंधन समिति ने लिए अहम फैसले
नरसिंहपुर जिले में संक्रमण रोकने के लिए जिला आपदा प्रबंधन समिति ने लिए अहम फैसलेSocial Media

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम प्रभावी तरीके से सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला आपदा प्रबंधन समित की कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को बैठक सम्पन्न हुई। कोरोना आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिले में कोरोना संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए हर संभव उपाय किये जायेंगे। इसके लिए बनाई गई रणनीति पर तत्काल प्रभाव से अमल किया जायेगा। जिले में कोरोना संक्रमण की चैन को प्रभावी तरीके से तोड़ने को चुनौती के रूप में लिया जायेगा। संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर सेल्फ लॉक डाउन को प्रोत्साहित किया जायेगा। इसमें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संगठनों का सक्रिय सहयोग लिया जायेगा।

नरसिंहपुर जिले के अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों में सर्दी, बुखार जैसे लक्षण वाले मरीजों को अधिक संख्या में भर्ती किया जायेगा। भर्ती के लिए ग्राम पंचायतों, सामुदायिक भवन, स्कूल आदि स्थानों में अतिरिक्त व्यवस्था की जायेगी। होम आइसोलेशन वालों की कड़ी निगरानी प्रभावी तरीके से की जायेगी और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जायेगा। जिन लोगों की टेस्टिंग होगी, उन्हें होम आइसोलेशन में रखा जायेगा और सख्ती से गाइड लाइन का पालन कराया जायेगा। यह सुनिश्चित किया जायेगा कि वे बाहर नहीं घूमें। यदि वे गाइड लाइन का उल्लंघन करेंगे, तो दंड के भागी होंगे।

संक्रमण रोकने की प्रभावी कार्रवाई के लिए ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम स्तरीय दल और शहरी क्षेत्र में वार्ड स्तरीय दल बनाये जायेंगे, जो सघन मॉनीटरिंग करेंगे। ये संक्रमण की रोकथाम के लिए जिम्मेदार होंगे। यह सुनिश्चित किया जायेगा कि लोग मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करें।

इस बैठक में कमिश्नर चौधरी ने निर्देशित किया कि जिले में कोरोना संक्रमण नहीं बढ़े, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जावें। जिले में अधिक कोरोना मरीजों वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां अभियान चलाकर और कैम्प लगाकर संदिग्ध कोरोना मरीजों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया जाये और टेस्टिंग कराई जाये। उन्होंने कहा कि संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए गहराई में जाकर माईक्रो प्लालिंग करें। होम आइसोलेशन की गाइड लाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करायें। टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जावे। यह सुनिश्चित किया जावे कि जिनका सैम्पल लिया जा रहा है, वे जब तक रिजल्ट न आ जाये, होम क्वारंटाइन में अनिवार्य रूप से रहें।

नरसिंहपुर कलेक्टर वेद प्रकाश ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए जिले में की गई तैयारियों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में कुल 1918 कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों में से 1546 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हैं, 11 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है और 361 व्यक्ति एक्टिव हैं। जिले में 14 फीवर क्लीनिक संचालित हैं। कमिश्नर ने फीवर क्लीनिक के व्यापक प्रचार- प्रसार और ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मुनादी कराने के निर्देश दिये। जिले में 200 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं।

इस बैठक में समिति के सदस्यों ने सुझाव दिये कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाई जावे। ग्राम पंचायतों में दीवार लेखन कराया जाये। मुनादी कराई जाये, लक्षण वाले व्यक्तियों को भर्ती किया जावे। होम आइसोलेशन की सख्ती से निगरानी की जावे। रेपिड किट की अधिक संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित कराई जावे।

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