सिंगरौली : जनसेवा भाव से परिपूर्ण मनी सिंगरौली पुलिस की दीवाली
जनसेवा भाव से परिपूर्ण मनी सिंगरौली पुलिस की दीवालीShashikant Kushwaha

सिंगरौली : जनसेवा भाव से परिपूर्ण मनी सिंगरौली पुलिस की दीवाली

सिंगरौली, मध्य प्रदेश : अच्छे बुरे कर्मों की दुहाई देने वाले लोगों ने भला बुरा कहने के वावजूद मन में कसक को ही दबा दिया व कर्म को पूजा मान कर सच्चे मन से लगे रहें।

सिंगरौली, मध्य प्रदेश। सिंगरौली जिले में ही नहीं भारत देश में लोग दीपावली के पावन पर्व पर घरों में अपनों के साथ अपनो के साथ त्योहार मना रहे थे तो वहीं कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले जिम्मेदार सजग प्रहरी जिम्मेदारी को त्योहार को आड़े हाथों नहीं लेने दिया। अच्छे बुरे कर्मों की दुहाई देने वाले लोगों ने भला बुरा कहने के वावजूद मन में कसक को ही दबा दिया व कर्म को पूजा मान कर सच्चे मन से लगे रहें।

जानें पूरा मामला :

मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में औद्योगिक इकाइयों में हृदय विदारक दर्दनाक हादसों की वजह घोर लापरवाही सामने आती जिसका परिणाम पीड़ित को कई मर्तबा अपनी जान से हाथ गवाना पड़ता है दीवाली की शाम के समय रिलायंस कोल माइंस में 2 व्यक्ति की मौत की खबर जिले में आग की तरह फैल गई तो वहीं मौके की नजाकत को समझते हुए नवानगर व जिला पुलिस के लगभग तमाम थानों के थानाध्यक्ष के साथ पुलिस बल कंपनी के मुख्य द्वार पर पहुँच कर स्थितियों को संभाले रखा। मृतक के नाराज परिजन भी कंपनी के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए लगभग घटना के 20 घंटे उचित मुवावजे की माँग धरने पर बैठे परिजनों व कंपनी के आखिरकार सहमति बनी। जब तक भीड़ रही तब तक पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।

आस्था के दीवाली पर्व पर मायूस हुए पुलिसकर्मी :

एक तरफ जहाँ लोग दीपावली के पर्व की खुशियों में सराबोर रहें तो वहीं सिंगरौली पुलिस की कई थानाध्यक्ष व पुलिस कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारियों से मुंह न फेरकर कर्म को प्राथमिकता देते हुए लगभग 24 घंटे तक मौके पर जमे रहे। कई पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों से बात करते हुए अपनी व्यथा बताते हुए बताया कि घर पर पूजा सामान रख कर आया तो कुछ ने दीपावली पूजन सामग्री व खुद के घर पर न पहुंचने पर नाराज परिवार की व्यथा सुनाई।

खुद की समस्याओं से जूझती पुलिस :

पुलिस विभाग में आईपीएस एसोसिएशन को छोड़ दिया जाए तो निचले तबके के पुलिस अधिकारी कर्मचारियों के लिए कोई भी एसोसिएशन नहीं है ना तो कोई यूनियन है और तो और ना तो कोई सामाजिक संगठन जो कि पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों या सरकार तक इनकी बात ले जा सके लगातार 24 घंटे ड्यूटी के लिए तत्पर पुलिसकर्मी अपनी ही निजी समस्याओं से जूझ रहे हैं जिस पर अब तक सिर्फ राजनीति ही होती रही है परंतु संबंधित समस्याओं को लेकर अब तक कोई ठोस निर्णय निकलकर सामने नहीं आया है।

साप्ताहिक अवकाश का आदेश मजाक बनकर रह गया :

शिवराज सरकार के द्वारा पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश की घोषणा पूर्व में की जा चुकी हैं परंतु धरातल पर स्थितियां ठीक इसके विपरीत नजर आती हैं यहां हर थानों चौकियों में बकायदा साप्ताहिक आकाश के नाम पर रोस्टर तैयार देखने को मिला परंतु संबंधित मामले में कई कर्मचारियों ने इस रोस्टर को लेकर जो बताया वह बेहद ही चौंकाने वाला रहा, अब तक साप्ताहिक अवकाश का आदेश, आदेश ना होकर सिर्फ एक मजाक बनकर रह गया है।

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