इंदौर में अचानक से सख्त लॉकडाउन से घबराए लोग, रात में ही मंडी में उमड़ी भीड़
रात में ही मंडी में उमड़ी भीड़Social Media

इंदौर में अचानक से सख्त लॉकडाउन से घबराए लोग, रात में ही मंडी में उमड़ी भीड़

इंदौर, मध्यप्रदेश: इंदौर में अचानक सख्ती ने सड़क पर उतारी संक्रमण की भीड़, सब्जी मंडी में सोशल डिस्टेनसिंग को दरकिनार कर लोगों ने की खरीददारी की।

इंदौर, मध्यप्रदेश। एमपी में कोरोना संक्रमितों की संख्या में धीरे-धीरे कमी आ रही है, ऐसे में अगर ज्यादा छूट दी गई, तो हालात बिगड़ने की आशंका है, इसलिए जनता कर्फ्यू को अब और सख्त बनाने का फैसला किया गया है, इंदौर में सख्ती के तहत किराना, ग्रॉसरी की दुकानों और फल-सब्जी की बिक्री पर 28 मई तक पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इंदौर में सख्ती ने सड़क पर उतारी संक्रमण की भीड़ :

मध्यप्रदेश के इंदौर में अचानक सख्त लाॅकडाउन कर दिया है, मिली जानकारी के अनुसार इंदौर में अचानक से 10 दिन के टाेटल लाॅकडाउन से लोग घबरा गए हैं और रात में ही लोग सब्जी खरीदने मंडी पहुंच गए, मंडी में जमकर भीड़ उमड़ गई, इस बीच लोगों ने सब्जी मंडी में सोशल डिस्टेनसिंग को दरकिनार कर खरीददारी की, तभी पुलिस ने मोर्चा संभाला और मंडी पहुंच रहे लोगों को भगाया।

प्रशासन ने पुराने आदेश को संशोधित करते हुए जारी किया नया आदेश :

बता दें कि मध्यप्रदेश के इंदौर में जिला प्रशासन ने पुराने आदेश को संशोधित करते हुए अब नया आदेश जारी कर दिया। इसमें 21 मई से लेकर 28 मई तक सभी किराना और ग्रॉसरी की दुकानें बंद रखने के आदेश दे दिए गए, इतना ही नहीं फल और सब्जी भी अब 10 दिनों तक नहीं मिलेंगी। इंदौर जिले की सभी थोक और खेरची निजी किराना दुकानें 28 मई तक बंद रहेंगी। चोइथराम और निरंजनपुर फल व सब्जी मंडियाें के अलावा जिले के सभी हाट-बाजार तत्काल प्रभाव से बंद रहेंगे।

कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा-

आदेश जारी करते हुए कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि इंदौर में कोरोना संक्रमण की स्थिति में धीरे धीरे सुधार हो रहा है, वहीं कोरोना की चेन तोड़ने के लिए लॉक डाउन को और सख्त बनाने का फैसला किया गया है, हालांकि ऑनलाइन राशन सप्लाई करने वाली चेन चालू रहेगी। एसडीएम व स्वास्थ्य अमले को निर्देशित किया गया है कि वे क्षेत्रों में अधिक संक्रमित क्षेत्रों को चिन्हित करें, ताकि उन क्षेत्रों को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर अग्रिम कार्रवाई की जा सके।

बताते चलें कि एमपी में कोरोना को रोकने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही है। वहीं, जारी निर्देश के अनुसार अधिक संक्रमण वाले क्षेत्रों में 31 मई 2021 तक संक्रमण की दर को 5% के नीचे लाने का प्रयास किया जाना है साथ ही, अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखते के लिए 30-31 मई 2021 को ऐसे क्षेत्र अथवा गांव का चिन्हांकन कर लिया जाए, जिन्हें एक जून के बाद भी कंटेनमेंट क्षेत्र के रूप में नियंत्रित करके रखना आवश्यक है। इस बीच लगातार सरकार और पुलिस प्रशासन लोगों से मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग की अपील कर रही है, लेकिन ऐसे में लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं।

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