मुसीबत : योजना बन्द, सब्सिडी अधर में, परेशान शिक्षित बेरोजगार
मुसीबत : योजना बन्द, सब्सिडी अधर में, परेशान शिक्षित बेरोजगारराज एक्सप्रेस, संवाददाता

मुसीबत : योजना बन्द, सब्सिडी अधर में, परेशान शिक्षित बेरोजगार

बेरोजगार युवाओं को स्वयं का व्यापार और उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने बनी स्वरोजगार योजनाओं के अतंर्गत उद्यमियों को मिलने वाली सब्सिडी अटकने से युवाओं के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।

होशंगाबाद, मध्यप्रदेश। युवाओं और शिक्षित बेरोजगारों को स्वयं का व्यापार, व्यवसाय और उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने बनी मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अतंर्गत उद्यमियों को मिलने वाली सब्सिडी अटकने से युवाओं के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।

दरअसल सरकार द्वारा नई योजना उद्यम क्रांति लेकर आने की तैयारी है जिसके कारण पुरानी चल रहीं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना व मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना को सरकार ने बंद कर रखा हुआ है। इस कारण कोरोना काल में परेशान उद्यमियों की सब्सिडी भी अटकी पड़ी है। जिससे ऋण लेने वाले उद्यमियों की हालत बदतर हो गई है। युवाओं को साहूकार से कर्ज लेकर बैंक की किश्तें चुकाने को मजबूर होना पड़ गया हैं। साथ ही पुरानी इन योजनाओं का पोर्टल एक साल से बंद है इस कारण बेरोजगार शिक्षित युवा आवेदन भी नही कर पा रहे हैं। हालत यह है कि अपनी सब्सिडी पाने आवेदक बैंकों और जिला व्यापार उद्योग केन्द्र दफ्तर के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इसके अलावा कई उद्यमियों ने सीएम हेल्पालाइन तक भी शिकायते कर चुके हैं। पर कोई समाधान नही निकल पा रहा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दो लाख तक की सब्सिडी का प्रावधान है इसके लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 454 व वर्ष 2019-20 में 352 हितग्राहियों ने योजना का लाभ लेकर ऋण प्राप्त किए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में अधिकतम 12 लाख तक की सब्सिडी उद्यमियों को दी जाती है जिसके लिए 2018-19 में 26 व वर्ष 2019-20 में 18 हितग्राहियों ने योजना का लाभ लेकर ऋण प्राप्त किए हैं। उद्यमियों ने ऋण तो ले लिया पर सब्सिडी अटक गई। उल्लेखनीय है कि उद्योग लगाने के लिए आवेदक की तरफ से प्रदेश सरकार द्वारा बैंको को गारंटी दी जाती है।

18 दिसबंर 2020 के बाद के लंबित प्रकरणों की अटकी सब्सिडी :

जिला व्यापार उद्योग केंद्र के प्राप्त जानकारी अनुसार शासन के निर्देशानुसार बैंको द्वारा स्वीकृत किए गए प्रकरणों में ऐसे प्रकरण जो कि 18 दिसबंर 2020 तक संवितरित नही किए गए हैं। ऐसे लंबित प्रकरणों में उद्यमियों की सब्सिडी की राशी अटक गई है। इसके लिए विभाग ने सभी बैंको को पत्राचार कर लंबित अविरित प्रकरणों में कार्रवाई करने को भी किया था। विभाग का कहना है कि पुरानी योजनाओं के प्रकरणों की अटकी हुई सब्सिडी नई योजना आने के बाद जारी हो सकती है।

प्रदेश सरकार तीन पुरानी स्वरोजगार योजना बंद करके नई उद्यम क्रांति योजना लाने की तैयारी में :

मप्र सरकार तीन पुरानी स्वरोजगार योजनाओं को बंद करके नयी उद्यम क्रांति योजना लाने की तैयारी में है। इसी वजह से अभी पुरानी योजनाओं में आवेदन नही भरा पा रहे हैं। विभाग की ओर से इभी इसका पोर्टल बंद कर दिया है। विभाग की ओर से बताया गया कि अभी तक नयी उद्यम क्रांति योजना के बारे में कोई सर्कुलर नही आया है। ना ही अभी इसके लिए कोई बजट संबंधी जानकारी आई है।

इनका कहना है :

अभी नई उद्यम क्रांति स्वरोजगार योजना के बारे में सर्कुलर नहीं आया है। पुरानी योजनाओं में आवेदन की प्रक्रिया बंद है।

कैलाश माल, महाप्रबंधक, जिला व्यापार उद्योग केंद्र

सब्सिडी ना मिलने संबंधी शिकायतें आ रही हैं। क्लेम के लिए शासन को भेजा गया हुआ है। बजट आने के बाद ही सब्सिडी जारी होगी।

रमेश हिले, लीड बैंक मैनेजर

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