बंद स्कूलों को बांट दी करोड़ों की राशि, स्कूलों ने भी खरीद ली खेल सामग्री
बंद स्कूलों को बांट दी करोड़ों की राशिसांकेतिक चित्र

बंद स्कूलों को बांट दी करोड़ों की राशि, स्कूलों ने भी खरीद ली खेल सामग्री

2019 से कोरोना संक्रमण के कारण स्कूलों को बंद कर दिया गया। प्रतियोगिता और अन्य आयोजनों पर रोक लगा दी गई लेकिन शिक्षा विभाग में बच्चों के खेल सामग्री के लिए आए करोड़ों रूपए की राशि की बंदरबांट लग गई।

होशंगाबाद, मध्य प्रदेश। साल 2019 से कोरोना संक्रमण के कारण स्कूलों को बंद कर दिया गया। प्रतियोगिता और अन्य आयोजनों पर रोक लगा दी गई, लेकिन शिक्षा विभाग में बच्चों की खेल सामग्री के लिए आए करोड़ों रूपए की राशि की बंदरबांट कर ली गई। विभाग ने बंद स्कूलों को ही लाखों रूपए की राशि आवंटित कर दी और स्कूलों ने खेल सामग्री भी खरीद ली। अब यह मामला शिक्षा विभाग में सुर्खियां बना हुआ है।

बंद स्कूलों को ही राशि आवंटित कर दी गई

जानकारी के मुताबिक सरकार, सरकारी स्कूल की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्कूलों को खेल सामग्री खरीदने के लिए राशि आवंटित करती है लेकिन दो साल से कोरोना संक्रमण के कारण शैक्षणिक गतिविधियां बंद थीं, इसलिए खेल सामग्री की राशि फरवरी 21 में स्कूलों को मिली। इस राशि को विभाग ने बकायदा बंद स्कूलों को आवंटित किया। विभाग के मुताबिक जिले के 170 हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों को 25 हजार रूपए प्रति स्कूल के हिसाब से 42 लाख 50 हजार रूपए की राशि जारी कर दी। इसी तरह 1119 प्राथमिक शालाओं को पांच हजार रूपए प्रति स्कूल के हिसाब से 55 लाख 95 हजार रूपए और 539 माध्यमिक शालाओं को दस हजार रूपए प्रति स्कूल के हिसाब से 53 लाख 90 हजार बांट दिए। बताया जाता है कि सरकार सभी सरकारी स्कूलों के खाते स्टेट बैंक में करवा रही है। इसलिए खाता बदलने से यह राशि लैप्स ना हो जाए इसलिए बंद स्कूलों को ही राशि आवंटित कर दी गई है।

राशि बचाने की दुहाई दे रहे जिम्मेदार

बंद स्कूलों को राशि आवंटित होने बात शिक्षा विभाग में जोरों पर है। विभाग के अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि अगर ऐसा नहीं करते तो हो सकता था, खाता बदलने से राशि लैप्स हो जाती। इसलिए स्कूलों को राशि आवंटित कर दी गई।

यह है स्कूलों के खातें बदलने का आदेश

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जिले के 1119 प्राथमिक एवं 539 माध्यमिक शालाओं तथा सभी बीआरसी कार्यालयों के बैंक खातों में जमा राशी को शून्य कर दिया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा सभी शालाओं पर आकस्मिक निधि खर्च करने पर रोक लगा दी गई है साथ ही सभी शाला प्रबंधनों व बीआरसी को जीरो बेलेंस पर नए खाते खुलवाने हेतु पत्र जारी किया गया है। यह सभी नए खाते समग्र शिक्षा के नाम से भारतीय स्टेट बैंक में खोलने हेतु पत्र जारी किया गया है। जब तक नए खाते नहीं खोले जावेगें तब तक कोई भी शाला प्रबंधन समिति कंटेनजेन राशी खर्च नहीं कर पाएगी। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा 28 मई 2021 को पत्र क्रमांक/राशि के/वित्त/2021/ 3025 के माध्यम से सभी जिला परियोजना समन्वयक व जिला शिक्षा केंद्र को निर्देशित किया गया है कि समग्र शिक्षा योजना के विभिन्न स्तर पर संचालित बैंक खातों के सत्यापन एवं स्कूल डायरेक्टरी मॉड्यूल एवं पीएफएमएस पोर्टल पर खातों में सुधार भी किया जावे। दरअसल समग्र शिक्षा योजनान्तर्गत राज्य स्तर से शाला प्रबंध समिति, छात्रावासों के बैक खातों में सीधे राशियां भेजी जाती हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय होने से बैंकों के नाम, आईएफएससी कोड परिवर्तित हुए हैं इससे अब इनके बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर होने में दिक्कतें आ रही हैं इसलिए इन सभी खातों के पुन: सत्यापन हेतु पीएफएमएस पोर्टल पर सुधार प्रविष्टी होना है।

नए खाते खुलवाने हेतु पत्र भी जारी कर दिया

एक परिसर एक शाला निर्देश के तहत शालाएं बंद हो गई हैं ऐसी शालाओं के बैंक खातों को एज्यूकेशन पोर्टल के स्कूल डायरेक्टरी मॉड्यूल में हटाने व नवीन व सही खाते की प्रविष्टी भी की जानी है। जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा केंद्र ने प्राप्त पत्र के अनुसार सभी बीआरसी एवं शाला प्रबंधन समिति के नए खाते खुलवाने हेतु पत्र भी जारी कर दिया है। जिसमें जीरो बेलेंस पर सेविंग खाते खुलवाने को कहा गया है तब तक खातों में बची हुई कंटेनजेन राशी स्कूल प्रबंधन खर्च नही कर पाएगें।

इनका कहना है...

एसएमसी के माध्यम से खेल सामग्री खरीदने के लिए स्कूलों को राशि आवंटित हुई थी। जिन स्कूलों ने खेल सामग्री खरीदी है उन्होने उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए हैं।

अजय कुमार कुंभारे, डीपीसी

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