जनजातीय समाज के विकास के लिए शिक्षा जरूरी : मंगुभाई पटेल
जनजातीय समाज के विकास के लिए शिक्षा जरूरी : मंगुभाई पटेलSocial Media

जनजातीय समाज के विकास के लिए शिक्षा जरूरी : मंगुभाई पटेल

मंडला, मध्यप्रदेश। राज्यपाल ने आदि उत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारों ने जनजातीय वर्ग के विकास के लिए बेहतर कार्य किया है।

मंडला, मध्यप्रदेश। केंद्र और राज्य की सरकारों ने जनजातीय वर्ग के विकास के लिए बेहतर कार्य किया है। जनजातीय वर्ग की उन्नति के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सहित अन्य क्षेत्र में कल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ की है। वहीं रोजगार, स्वरोजगार, आवास, बिजली आपूर्ति जैसी प्राथमिक आवश्यकता से जुड़ी योजनाओं में जनजातीय वर्ग को प्राथमिकता दिए जाने से उनके जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आया है। यह बात राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शनिवार को रामनगर में आयोजित आदि उत्सव के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री आवास योजना से जनजातीय वर्गों के पक्के आवास बन रहे हैं, उजाला योजना से उनके घरों में बिजली है तथा माताओं एवं बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से मिले गैस कनेक्शन के माध्यम से चूल्हे के धुएं से छुटकारा मिला है।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय प्रकृति के सच्चे सपूत और मातृभूमि के गौरव हैं। उन्होंने मंच से आदिवासी जन नायकों बिरसामुंडा, टंट्याभील, गौंड़ राजाओं तथा स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके पूर्वजों के बारे में जिक्र किया और कहा कि आज आदिवासी वर्गों को समाज में आगे लाने के लिए बेटा-बेटी की अनिवार्य शिक्षा की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है जिससे वह समाज की मुख्य धारा से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें। आदिवासी समाज को शिक्षित होने के साथ-साथ सभी तरह के नशे का त्याग कर अपने परिवार व समाज को आगे बढ़ाना होगा। राज्यपाल श्री पटेल ने सिवनी जिले में हुई घटना पर दु:ख व्यक्त कर मृत आदिवासियों को श्रद्धांजली दी तथा शोक संवेदना व्यक्त की।

कार्यक्रम के भव्य आयोजन की सराहना :

राज्यपाल श्री पटेल ने जनजातीय परंपरा को सहेजने को लेकर मंडला जिले में प्रतिवर्ष आयोजित किए जा रहे आदि उत्सव कार्यक्रम के भव्य आयोजन को लेकर केंद्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते तथा जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। साथ ही कहा कि यह उत्सव आदिवासी संस्कृति तथा परंपरा के प्रचार-प्रसार के लिए किया जा रहा है यह उत्सव अपने आप में अनुपम एवं अनुकरणीय पहल है। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल श्री पटेल को जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए। इसी प्रकार श्री पटेल ने देश-प्रदेश से आए जनजातीय विशिष्टजनों एवं लोक कलाकारों से भेंट की तथा आदि उत्सव स्मारिका पुस्तिका का भी विमोचन किया।

जनजातीय समाज अपने इतिहास पर गर्व करें : मुंडा

आदि उत्सव के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि हमें गोंडवाना के गौरवशाली इतिहास, अपनी संस्कृति और अपने पूर्वजों के बलिदानों पर गर्व होना चाहिए। हमारे पूर्वजों ने अपनी संस्कृति, मिट्टी और अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया है। हमें पूर्वजों के उन्ही बलिदानों से प्रेरणा लेकर समाज में व्याप्त कुरीतियों, अशिक्षा और गरीबी को दूर करने तथा अपनी गौरवशाली संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेकर कार्य करने की आवश्यकता है।केंद्रीय राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह एवं पशुपालन एवं सामाजिक न्याय मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

सीधे प्रकृति से जुड़े हैं आदिवासी समुदाय : बिसाहू लाल सिंह

प्रदेश शासन के खाद्य आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण एवं मंडला जिले के प्रभारी मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि गोंडवाना साम्राज्य का लगभग 1400 वर्षों का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय सीधे रूप से प्रकृति से जुड़े हैं। इनकी संस्कृति और परंपराएं अन्य समुदाय से अलग हैं। श्री सिंह ने मध्यप्रदेश के जनजातीय परिदृश्य, भौगोलिक वितरण तथा प्रशासकीय व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रामनगर की भूमि को सभी आदिजनों के लिए पवित्र एवं ऐतिहासिक बताया।

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