सुरखी : छल कपट से एक चुनाव तो जीता जा सकता है दूसरी बार नहीं

सुरखी, मध्य प्रदेश : गोविंद सिंह ने सुरखी उपचुनाव में जनसंपर्क के दौरान कहा कि "एसी चेंबर में बैठकर नहीं होती जनसेवा, क्षेत्र में जाकर खुद को तपाना पड़ता है"।
सुरखी : छल कपट से एक चुनाव तो जीता जा सकता है दूसरी बार नहीं
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सुरखी, मध्य प्रदेश। सुरखी उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी गोविंद सिंह राजपूत ने जनसंपर्क के दौरान कहा कि एकाध बार तो धनबल बाहुबल से जनता के साथ छल कपट किया जा सकता है बार-बार नहीं। हकीकत सबके सामने आ चुकी है कि जो अभी कांग्रेस प्रत्याशी वोट मांगने के लिए आ रही हैं जीतने के बाद उनका अता पता नहीं रहता फिर जनता की दुख तकलीफें सब भूल जाती हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव एसी चेंबर में बैठकर झूठी बातें और बेबुनियाद आरोप लगाकर नहीं जीता जा सकता लोगों का दिल जीतने के लिए क्षेत्र में जाकर खुद को घिसना पड़ता है, तपाना पड़ता है, सुख दुख में साथ निभाना पड़ता है।

श्री राजपूत ने कहा कि 2013 के आम चुनाव में नए चेहरे को आजमाने के लिए अभी की कांग्रेस प्रत्याशी को जनता ने बहुत कम समय में सर आंखों पर बैठाकर विधानसभा भेजा। जनता यह सोचती रही कि अभी समय नहीं मिला है तो चुनाव के बाद मैं मेल मिलाप या दुख तकलीफ, समस्याएं सुनने विधायक महोदय क्षेत्र में जरूर आएंगी लेकिन लोग 5 साल तक इंतजार ही करते रहे। 7 साल पहले का इंतजार अब खत्म हुआ है जब वह समस्याएं सुनने नहीं बल्कि फिर वोट मांगने आ रही हैं द्यजनता के अपमान और खुद के स्वार्थ का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि भाजपा का टिकट नहीं मिला तो 2018 के चुनाव में पार्टी के नाते कहीं शक्ल भी नहीं दिखलाई। जिनने विधायक महोदया को सर आंखों पर बैठाकर क्षेत्र का नेतृत्व सौंपा उनका मार्गदर्शन करने ही नहीं आईं। टिकट कट गया तो जनता से भी दूरियां बना लीं अब सात साल बाद आकर वोट मांगने वालों को जनता नकार रहीं हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग आकर उनसे कहते हैं कि अगर कांग्रेस प्रत्याशी में थोड़ी सी कृतज्ञता होती, क्षेत्र में आकर सेवा की होती, लोगों के सुख-दुख में साथ दिया होता तो आज मनगढ़ंत कहानियां रच कर झूठे आरोप लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। अगर चुनाव जीतने का यही फॉर्मूला होता तो जनसेवा का भाव रखने वाले सालों तक मेहनत क्यों करते? जनता की सेवा क्यों करते? सिर्फ चुनाव में ही झूठ का पुलिंदा खोल लेते और चुनाव जीत जाते। राजपूत ने कहा कि जनता जनार्दन होती है वह हकीकत और नाटक को समझती है। मैं 25 साल से सुरखी की जनता को अपना वोटर नहीं परिवार मानता हूं। मैं और मेरा परिवार केवल चुनाव के समय नहीं बल्कि 365 दिन 24 घंटे सेवा में हाजिर रहता है। इसलिए जनता मेरे साथ है। उन्होंने जनता से आह्वान करते हुए कहा कि उसे ही अपना कीमती वोट दें जो आपकी सेवा में हमेशा हाजिर रहा हो।

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