आपदा को अवसर के रूप में देख रहे हैं अतिक्रमणकारी
आपदा को अवसर के रूप में देख रहे हैं अतिक्रमणकारी|Shashikant Kushwaha
मध्य प्रदेश

आपदा को अवसर के रूप में देख रहे हैं अतिक्रमणकारी

सिंगरौली, मध्य प्रदेश। एक तरफ देश मे महामारी ने कहर ढहा रखा है रोज सैकड़ों लोगों की जान जा रही है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो कि इस विकट परिस्थितियों में भी आपदा को अवसर के रूप में देखते हैं।

Shashikant Kushwaha

सिंगरौली, मध्य प्रदेश। एक तरफ देश मे महामारी ने कहर ढहा रखा है रोज सैकड़ों लोगों की जान जा रही है वहीं हजारों की तादाद में नए केश सामने आ रहे हैं हम बात कर रहे हैं कोरोना वायरस के प्रकोप की जहाँ पूरा देश का विश्व स्तर पर महाशक्ति कहे जाने वाले देश भी इसके कहर से बच नहीं पाए हैं। जहाँ इस वायरस ने अर्थ व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो कि इस विकट परिस्थितियों में भी आपदा को अवसर के रूप में देखते हैं। ऐसा ही एक वाक्या मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में भी सामने आया है।

क्या है मामला :

मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले की घटना है जिसमे की कोयले का उत्पादन करने वाली नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड कंपनी स्थापित है जिसके अमलोरी परियोजना में बिगत रात असामाजिक तत्वों के द्वारा परियोजना की बेशकीमती जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा था । ऐसे में परियोजना के सुरक्षा विभाग के द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही की।

अवैध निर्माण को किया ध्वस्त :

कल रात्री में सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार गश्ती टीम को अवैध निर्माण के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई , जिस पर विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा विभाग ने कोरोना के आपदा को अवसर में बदलने में लगे अतिक्रमणकारियो के हौसले को उनके द्वारा बनाये जा रहे अवैध निर्माण के साथ ध्वस्त किया।

अवैध निर्माण के लिए रात्री में बाहर बिल्कुल नहीं निकले :

सुरक्षा व्यवस्था में लगे जिम्मेदार अधिकारियों ने अनुरोध करते हुए कहा कि अवैध निर्माण के लिए रात्री में बाहर बिल्कुल नहीं निकले। साथ ही अनुरोध किया कि कृपया मास्क का प्रयोग करे एवम दो गज की दूरी का पालन अवश्य करें।

अन्य परियोजना में अतिक्रमण जोरों पर :

एक तरफ अमलोरी परियोजना की गंभीरता का अंदाजा संबंधित घटना क्रम को देख कर लगाया जा सकता है कि अतिक्रमण हटाने की दिशा में बिना देरी किये त्वरित कार्यवाही कर रहा वही अन्य परियोजना की अगर बात की जाए तो अन्य परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी या सूचना देने के बाद भी कार्यवाही नहीं की जाती है।

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