Gwalior : ऊर्जा मंत्री ने स्वीकारा, उत्पादन कम होगा तो ट्रिपिंग होगी
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Gwalior : ऊर्जा मंत्री ने स्वीकारा, उत्पादन कम होगा तो ट्रिपिंग होगी

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : बिजली कटौती को लेकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का कहना है कि खपत व उत्पादन में अगर अंतर आता है तो ट्रिपिंग तो होगी ही, इसमें छिपाने लायक कोई बात ही नहीं है।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। बिजली कटौती को लेकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का कहना है कि खपत व उत्पादन में अगर अंतर आता है तो ट्रिपिंग तो होगी ही, इसमें छिपाने लायक कोई बात ही नहीं है, लेकिन इसके बाद भी देश के अन्य प्रदेशों से मध्यप्रदेश की बिजली व्यवस्था काफी बेहतर है।

ऊर्जा मंत्री का कहना है कि विदेशी कोयले के लिए टेंडर मंगाए गए हैं, अब पहले टेंडर आ जाएंगे और उनमें कौनसी कंपनी कम रेट डालती है उसके बाद तय किया जाएगा कि बिजली दर में क्या किया जाए। लेकिन जब कुछ है ही नहीं तो फिर इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह द्वारा बिजली कटौती को लेकर लगाए गए आरोप पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि डॉ. गोविंद सिंह सदन में वरिष्ठ विधायक हैं और उनको सभी तरह की जानकारी है, लेकिन वर्ष 2003 व 2019 में बिजली की क्या स्थिति थी, वह भी तो नेता प्रतिपक्ष को बतानी चाहिए थी। बिजली उत्पादन कम होगा तो कटौती होगी ही, इसमें कोई छिपाने जैसी कोई बात ही नहीं है। हम पवन ऊर्जा व सौर ऊर्जा की तरफ भी जा रहे हैं। पवन ऊर्जा से 2600 मेगावाट बिजली मिलनी थी, लेकिन मिली 300 मेगावाट, ऐसे में उत्पादन व खपत में अंतर आएगा ही और ऐसा होता है तो 01 से 02 घंटे तक के लिए लोड सैटिंग करना पड़ती है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. सिंह के आरोप पर ऊर्जा मंत्री का कहना था कि नेता प्रतिपक्ष मेरे साथ राजस्थान, छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र चलें और देखें कि वहां बिजली की क्या व्यवस्था है, उसके बाद बताएं कि मध्यप्रदेश में उन राज्यों से बेहतर बिजली व्यवस्था है कि नहीं।

दिग्विजय सिंह पर बोला हमला :

दिग्विजय सिंह द्वारा नौटंकीबाज कहने पर ऊर्जा मंत्री का कहना था कि वह तो प्रदेश के बंटाधार करने वालों में से हैं, उनके शासनकाल में प्रदेश में गड्ढ़ों में सड़कें खोजना पड़ती थी और बिजली के क्या हाल थे यह किसी से छिपे नहीं थे, लेकिन यह कहते हुए प्रद्युम्न सिंह यह भूल गए कि उस समय वह भी तो कांग्रेस में थे और बिजली कटौती को लेकर बचाव करते रहते थे।

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