पन्ना : 200 साल पुरानी जीवाणु संक्रमित बीमारी की पन्ना में इन्ट्री

पन्ना, मध्य प्रदेश : भोपाल से आई इंट्रोलॉजिस्ट टीम ने शुरू की जांच। चूहों, गिलेहरी, खरगोश आदि के शरीर में रहते हैं संक्रमित जीवाणु। कोरोना के बाद नए खतरे से सतर्क रहे लोग।
पन्ना : 200 साल पुरानी जीवाणु संक्रमित बीमारी की पन्ना में इन्ट्री
भोपाल से आई इंट्रोलॉजिस्ट टीमAnil Tiwari

पन्ना, मध्य प्रदेश। पन्ना में कोरोना के बाद एक और गंभीर बीमारी ने इन्ट्री की है। बताया जाता है कि 200 साल पुराना स्क्रब टाइफस नाम की इस बीमारी ने पन्ना में दो लोगों की जान ले ली और दो अन्य लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं। मामला सामने आने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने इस गंभीर बीमारी के संक्रमण की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। जिस पर त्वरित कार्यवाही के लिए भोपाल से इन्ट्रोलॉजिस्ट की तीन सदस्यीय टीम को पन्ना भेजा गया और संक्रमित व्यक्तियों के घर व आसपास के क्षेत्र में सघन जांच शुरू की गई। हालांकि अन्य लोगों में अभी तक बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं। लेकिन एहतियाती तौर पर संक्रमित क्षेत्र में पाए जाने वाले चूहों, गिलहरी आदि को पकड़ा गया है और टीम द्वारा उन पर रिसर्च की जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. एल.के. तिवारी ने बताया कि यह बीमारी बेहद गंभीर है। सामान्य तौर पर चूहों के शरीर पर पाए जाने वाले जीवाणु के कारण यह बीमारी होती है। इस बीमारी में सामान्य बुखार के साथ शरीर में छोटे-छोटे दाने, चकत्ते होते हैं। ऐसा होने पर लोगों को तुरंत ही उपचार कराना चाहिए। समय पर उपचार होने से बीमारी 5 दिन में ही ठीक हो जाती है। लेकिन कई बार जानकारी देर से होने पर यह जानलेवा भी सिद्ध होती है।

उन्होंने बताया कि पन्ना में अजयगढ़, अमानगंज व पवई के ग्रामीण इलाकों में मरीज मिले थे। जिन्हें उपचार हेतु जबलपुर भेजा गया था। जहां जांच में उनमें स्क्रब टाइफस संक्रमण मिला। उन्होंने बताया कि इन मामलों की सूचना भोपाल भेजी गई थी और भोपाल से टीम आई हुई है। यह संक्रमण अधिक न फैले इसके लिए संक्रमित क्षेत्र में कई लोगों के सेंपल लिए गये हैं, जिनकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि घर में चूहे हैं और किसी को बुखार व अन्य लक्षण दिख रहे हैं, तो इस स्क्रब टाइफस मान पर उपचार कराएं। उन्होंने कहा कि लोग साफ-सफाई का ध्यान रखें, इससे ही इस बीमारी से बचा जा सकता है।

संक्रमित क्षेत्र से पकड़े चूहे और गिलहरी :

भोपाल से आई स्टेट इंट्रोलॉजिस्ट टीम द्वारा इस बीमारी के मरीज से मुलाकात की गई। साथ ही संक्रमित क्षेत्र में चूहों को पकड़ कर उनके सेम्पल लिए गए हैं। जिसे जांच हेतु भोपाल ले जाया जा रहा है। पन्ना में ही चूहों के शरीर का परीक्षण कर उनके सेम्पल कलेक्ट किये जा रहे हैं। कोरोना के बाद अब स्क्रब टाइफस नामक बीमारी फैल रही है। ऐसे में लोगों को और सर्तक रहने की जरूरत है। भोपाल से आईं डा. गुंजन सिंह ने बताया कि यह बीमारी 200 साल पहले हुआ करती थी, अब कुछ समय से इसके मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह गंभीर बीमारी है, पन्ना में मिले 4 में से 2 लोगों की मौत हुई है। ऐसे में हम यह जांचने का प्रयास कर रहे हैं, कि कहीं यह बीमारी स्प्रिड तो नहीं हैं। पूर्व में भी हमारे अधिकारियों ने यहां जांच की है। उन्होंने कहा कि इससे घबराने की जरूतर नहीं हैं, समय पर यदि बीमारी का पता चल जाए, तो इसे ठीक किया जा सकता है।

परीक्षण कर उनके सेम्पल कलेक्ट करती टीम
परीक्षण कर उनके सेम्पल कलेक्ट करती टीमAnil Tiwari

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