Raj Express
www.rajexpress.co
इन्वायरमेंटल प्लान
इन्वायरमेंटल प्लान|Afsar khan
मध्य प्रदेश

जिले का बनेगा 'इन्वायरमेंटल प्लान' कलेक्टर ने समिति का किया गठन

शहडोल, मध्य प्रदेश : डिस्ट्रिक्ट इन्वायरमेंटल प्लान बनाये जाने के निर्देश पारित किये थे। परिपालन में 20 नवम्बर को कलेक्टर ने समिति का गठन किया है।

Afsar Khan

राज एक्सप्रेस। पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष के द्वारा जारी किये गये पत्र में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के प्रकरण क्रमांक ओए 710/2017 में पारित आदेश दिनांक 15 जुलाई 2019 एवं ओए 360/2018 में पारित आदेश 20 सितम्बर 2019 में डिस्ट्रिक्ट इन्वायरमेंटल प्लान बनाये जाने के निर्देश पारित किये थे। परिपालन में 20 नवम्बर को कलेक्टर ने समिति का गठन किया है।

इन्हें किया शामिल

डिस्ट्रिक्ट इन्वायरमेंटल प्लान 06 सदस्यीय समिति का गठन किया है, कलेक्टर इस समिति के अध्यक्ष होंगे, जिला पंचायत के सीईओ सदस्य, मुख्य नगरपालिका अधिकारी शहडोल सदस्य, कार्यपालन यंत्री जलसंसाधन विभाग सदस्य, खनिज अधिकारी सहसंयोजक (सदस्य), क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संयोजक (सदस्य) बनाये गये हैं।

यह विभाग भी रहेंगे शामिल

जारी किये गये आदेश में कलेक्टर ने वनमंडलाधिकारी, जिला आयुष अधिकारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला आपूर्ति अधिकारी को भी अपने-अपने विभाग की जानकारी के अन्तर्गत केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बनाये गये मॉडल डिस्ट्रिक्ट इन्वायरमेंटल प्लान में परिविष्ठ तीन दिवस की समय सीमा में कराया जाना सुनिश्चित करने के आदेश जारी किये हैं।

अध्यक्ष करेंगे हर माह समीक्षा

गठित की गई समिति के द्वारा डिस्ट्रिक्ट इन्वायरमेंटल प्लान के तहत संचालित की जा रही गतिविधियों की मासिक समीक्षा समिति के अध्यक्ष कलेक्टर के द्वारा की जायेगी। जिसमें केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा तय किये गये मापदण्डों के तहत कार्य निर्धारित समयावधि में किया जा रहा है या नहीं, यह बैठक समिति के सदस्यों को हर माह अध्यक्ष को देनी होगी।

पर्यावरण संरक्षण पर होगा फोकस

डिस्ट्रिक्ट इन्वायरमेंटल प्लान में ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट, सीएनडी, बायोमेडिकल वेस्ट अपशिष्ट, हजाड अपशिष्ट, ई-वेस्ट अपशिष्ट प्रबंधन के साथ ही जल गुणवत्ता, घरेलू दूषित जल उपचार, औद्योगिक उद्योगों से निकलने वाले जल, वायु गुणवत्ता, खनन गतिविधियों के अलावा ही ध्वनि प्रदूषण के प्रबंधन और नियंत्रण के लिये जिला स्तरीय समिति के द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सीपीसीपी, एमपीपीसीबी के द्वारा राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत विभिन्न कार्य योजना बनाई जायेगी और उसके तहत कार्यों को किया जायेगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहतर काम हो सके।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।