प्रशासक और सीएमओ के निर्देश के बाद भी पीएम आवास गड़बड़ी मामले की शुरू नहीं हुई जांच
पीएम आवास गड़बड़ी मामले की शुरू नहीं हुई जांचसांकेतिक चित्र

प्रशासक और सीएमओ के निर्देश के बाद भी पीएम आवास गड़बड़ी मामले की शुरू नहीं हुई जांच

होशंगाबाद, मध्यप्रदेश : पीएम आवास के नोडल अधिकारी रमेशचंद्र शुक्ला निर्देश को उड़ा रहे हवा में। करोड़ों का घोटाला करने के बाद नहीं कर रहे भ्रष्टाचार की जांच।

होशंगाबाद, मध्यप्रदेश। नगरपालिका में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। रोजाना नगरपालिका में नये-नये घपले और घोटाले उजागर हो रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना में हितग्राहियों के खाते में ज्यादा राशि डाल दी गई, लेकिन आज तक उसकी वसूली नहीं की गई है। जबकि तत्कालीन सीएमओ माधुरी शर्मा ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को वसूली के सख्त निर्देश दिये थे और कहा था कि आवास योजना की गड़बड़ी राशि के मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं, इसके बावजूद भी संबंधित अधिकारियों ने आज दिनांक तक हितग्राहियों के खाते में गई राशि वसूली ही नहीं। इस मामले में कलेक्टर ने भी संज्ञान लिया था, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना का काम देखने कार्यपालन यंत्री रमेशचंद्र शुक्ला ने कलेक्टर निर्देशों को भी हवा में उड़ा दिया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है एक वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश के बावजूद भी उक्त अधिकारी के हौसले इतने बुलंद है कि अफसरों के आदेशों को भी नजर अंदाज किया जा रहा है। बताया जाता है कि कुछ राजनैतिक नेताओं का संरक्षण होने के कारण उक्त अधिकारी का तबादला नहीं हो पा रहा है। क्योंकि उक्त अधिकारी शहर के कुछ छुटभैया नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 से प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभारी एवं नोडल अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री आरसी शुक्ला द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में ढाई लाख के विरुद्ध तीन, साढ़े से चार लाख रुपये तक हितग्राहियों को राशि वितरित की गई है, जो कि नियमों के विरुद्ध, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बावजूद इसकी वसूली के प्रयास नहीं किये जा रहे हैं।

इसके अलावा वर्ष 2016 से 2019 तक लगभग 80 हितग्राहियों को योजना की राशि प्रदान की गई है जिसमें 1 लाख, डेढ़ लाख, दो लाख, ढाई लाख और तो और तीन लाख तक प्रदान किये गये है। इन हितग्राहियों को कोई रिकार्ड नगरपालिका में उपलब्ध ही नहीं है। जबकि इन हितग्राहियों का अनुमोदन किसी भी किसी वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर, सीएमओ से नहीं कराया गया है। इन हितग्राहियों के एकाउन्ट नंबर सीधे जोडऱ राशि प्रदान कर दी गई, जिसमें घोर लापरवाही की गई है और शासन को कोरोड़ों की हानि हो हुई है। इस ओर जिला प्रशासन सहित नपा प्रशासन का ध्यान तक नहीं है।

बता दें कि आरसी शुक्ला द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में भी भारी भ्रष्टाचार किया गया है। क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के नोडल अधिकारी एवं प्रभारी यही हैं। अपना भ्रष्टाचार छिपाने एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को मोहरा बनाकर प्रकरण दर्ज करवा दिया है। जबकि वरिष्ठ अधिकारी श्री शुक्ला की जांच करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। क्योंकि श्री शुक्ला के सत्ता पक्ष के नेताओं से गहरे संबंध हैं। इसके चलते इनके भ्रष्टाचार के खिलाफ आज दिनांक तक किसी प्रकार की जांच आदि नहीं की जा रही है। और तो और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की भर्ती में गड़बड़ी करने वाले श्री शुक्ला को ही जांच सौंपकर मामले में लीपापोती करने की तैयारी की जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में नियमों को दरकिनार करते हुए नवीन अपात्र हितग्राहियों को पीएम राशि का लाभ दिया गया हैं। जबकि शहर के कई वार्डो में आज भी पात्र हितग्राहियों को पीएम आवास की पहली किश्त तक नहीं मिल पाई हैं। जो पिछले तीन साल से पीएम राशि के लिए नगर पालिका के चक्कर काट रहे हैं। ऐसे कई पात्र हितग्राही है जिन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला है।

जांच कमेटी के सदस्यों की संपत्ति की जांच हो :

हाल ही में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच जिन अधिकारियों और बाबुओं को सौंपी गई हैं, उन अधिकारियों और बाबुओं की संपत्ति की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाये तो नया एक मामला सामना आ सकता है।

इनका कहना है :

गंभीर मामला है, इसकी जांच नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा अपने स्तर से कराई जा रही है। जल्द ही मामले में कार्यवाही होगी।

नीरज कुमार सिंह, प्रशासक/कलेक्टर

मैंने फिलहाल नगरपालिका का प्रभार प्रशासक के तौर पर लिया है। मामला आपके द्वारा संज्ञान में आया है, फिर भी मैं इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेता हूं।

शैलेन्द्र बड़ोनिया, प्रभारी सीएमओ/ तहसीलदार

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